मालेगांव ब्लास्ट: कुलकर्णी बोले- सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग बताएगी सच

समीर कुलकर्णी ने कहा, मैं हर रोज पुणे से इस उम्मीद में निकलता था कि वहां कुछ गवाह होंगे जो अपना बयान देंगे और मामले की सुनवाई का समय कोर्ट में सुबह 11 से शाम 5 बजे के बीच रहता था. जज और मैं सुबह 11 बजे से भी पहले कोर्ट पहुंच जाते थे लेकिन इस मामले में कोई गवाह सामने नहीं आता था.

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विद्या

  • नई दिल्ली,
  • 26 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 12:15 AM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2008 के मालेगांव ब्लास्ट में NIA से सुनवाई का शेड्यूल मांगा है. NIA को हाईकोर्ट ने इसके लिए दो हफ्ते का समय दिया है. जस्टिस रंजीत मोरे और भारती डांगरे की डिवीजन बेंच ने यह आदेश आरोपी समीर कुलकर्णी की याचिका पर सुनवाई करते हुए 22 जुलाई को दिया था.

समीर कुलकर्णी द्वारा हाल ही में दी गई याचिका में सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने की भी मांग की थी. 2008 के मालेगांव ब्लास्ट मामले की सुनवाई नियमित रूप से होनी है. कुलकर्णी की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मामले की जल्द सुनवाई का आदेश दिया था. गौरतलब है कि धमाकों के 11 साल बाद भी इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं हुई है. वहीं दूसरी तरफ कुलकर्णी ने शिकायत की है कि मुकदमे पर जल्द सुनवाई नहीं की गई.

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इस मामले पर बोलते हुए कुलकर्णी ने कहा 'मैं हर रोज पुणे से इस उम्मीद में निकलता था कि वहां कुछ गवाह होंगे जो अपना बयान देंगे और मामले की सुनवाई का समय कोर्ट में सुबह 11 से शाम 5 बजे के बीच रहता था. जज और मैं सुबह 11 बजे से भी पहले कोर्ट पहुंच जाते थे लेकिन इस मामले में कोई गवाह सामने नहीं आता था. कुछ ही मिनटों में ट्रायल स्थगित हो जाता था. इसलिए मैंने सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग की है जिससे हर किसी को पता चल सके कि ट्रायल कोर्ट में हो क्या रहा है.'

हाईकोर्ट अब 5 अगस्त को समीर कुलकर्णी की वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग पर  सुनवाई करेगा. 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. इस केस में कुलकर्णी के साथ भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित हैं. इस मामले में सभी आरोपियों को जमानत मिल गई है.

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