गुलाम नबी से मिलकर बोले पीएम मोदी, दिल्ली में भी मेरे एक मित्र हैं

प्रधानमंत्री मोदी ने जन औषधि केंद्रों में दवाओं के दाम को नियंत्रित करने से लोगों को पहुंच रहे फायदे की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आज 1,000 से ज्यादा जरूरी दवाओं की कीमत नियंत्रित होने से जनता के करोड़ों रुपये बचे हैं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-PTI) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 6:11 PM IST

  • गुलाम नबी से मिले पीएम नरेंद्र मोदी
  • मेरे मित्र हैं गुलाम नबीं- नरेंद्र मोदी
  • जन औषधि से लोगों को मिला फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जन औषधि दिवस के मौके पर सस्ती दवाओं का लाभ पा रहे लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की. इस दौरान पीएम दूरदराज के कई ऐसे लोगों से मिले जो योजना का लाभ उठाकर हजारों की दवा सैकड़ों में पा रहे थे. इस दौरान पीएम मोदी जम्मू-कश्मीर के गुलाम नबी से मिले. इस शख्स ने जब अपना नाम गुलाम नबी बताया तो पीएम ने खुश होते हुए कहा कि दिल्ली में भी उनके एक मित्र गुलाम नबी रहते हैं.

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इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जन औषधि परियोजना के कारण पहले की तुलना में अब इलाज पर खर्च काफी कम हो रहा है. इस दौरान देहरादून की एक महिला दीपा शाह पीएम मोदी से बात करते हुए भावुक हो गई. महिला ने कहा कि उन्होंने भगवान को तो नहीं देखा है, लेकिन भगवान के रूप में नरेंद्र मोदी को देखा है. महिला की बात सुन पीएम मोदी भी भावुक हो गए.

गुलाम नबी से मिले पीएम मोदी

इस सिलसिले में पीएम मोदी की मुलाकात पुलवामा के गुलाम नबी से हुई. गुलाम नबी से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "गुलाम नबी साहेब आपके नाम से मेरे भी एक मित्र हैं जो दिल्ली में रहते हैं, जब मैं गुलाम नबी जी से अगली बार मिलूंगा, तो मैं उन्हें कहूंगा कि मुझे सही मायनों में गुलाम नबी जी से मिलने का मौका मिला है." बता दें कि गुलाम नबी आजाद राज्य सभा में कांग्रेस के कद्दावर नेता है. गुलाम नबी आजाद भी जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखते हैं.

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जन औषधि केंद्रों से बचे 2500 करोड़ रुपये

लाभार्थियों से बात करते हुए पीएम ने कहा कि अब तक पूरे देश में करोड़ों लोगों को 2000 से 2500 करोड़ रुपये की बचत सिर्फ जन औषधि केंद्रों के कारण हुई है. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया, "आज हर महीने एक करोड़ से अधिक परिवार इन जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बहुत सस्ती दवाइयां ले रहे हैं. जैसे-जैसे ये नेटवर्क बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इसका लाभ भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच रहा है."

1000 से ज्यादा दवाएं कम दाम पर

प्रधानमंत्री मोदी ने जन औषधि केंद्रों में दवाओं के दाम को नियंत्रित करने से लोगों को पहुंच रहे फायदे की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आज 1,000 से ज्यादा जरूरी दवाओं की कीमत नियंत्रित होने से जनता के करोड़ों रुपये बचे हैं. करीब 90 लाख गरीब लोगों को आयुष्मान योजना के तहत लाभ मिला है."

बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से शुरू भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत देश में 6,200 जन औषधि केंद्र खुले हैं. जहां नौ सौ प्रकार की दवाएं और 154 सर्जिकल उपकरण बाजार रेट से काफी सस्ते दर पर उपलब्ध हैं.

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