कश्मीर में आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी समेत 4 की मौत, लश्कर का कुख्यात आतंकी ढेर

कुलगाम के मीर बाजार में पुलिस दल पर हमले करने के दौरान जवाबी कार्रवाई में सेठा को मारा गया. उधमपुर आतंकी हमले में आतंकी का नाम आने के बाद, वह अगस्त 2015 से ही लापता था और पुलिस को इसकी तलाश थी.

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सुरक्षाबलों को बनाया निशाना सुरक्षाबलों को बनाया निशाना

BHASHA

  • श्रीनगर,
  • 06 मई 2017,
  • अपडेटेड 9:12 AM IST

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शनिवार रात पुलिस दल पर हुए आतंकवादी हमले में सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तय्यबा का आंतकी फैयाज अहमद अश्वर उर्फ सेठा को मार गिराया है. हमले में एक पुलिसकर्मी और 3 स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई है.

कुलगाम के मीर बाजार में पुलिस दल पर हमले करने के दौरान जवाबी कार्रवाई में सेठा को मारा गया. उधमपुर आतंकी हमले में आतंकी का नाम आने के बाद, वह अगस्त 2015 से ही लापता था और पुलिस को इसकी तलाश थी. चश्मदीदों के मुताबिक जवाबी कार्रवाई किये जाने से पहले ही पुलिस में शामिल कांस्टेबल महमूद अहमद शेख ने अपनी जान को खतरे में डालते हुए एक आतंकवादी से उसकी पिस्तौल छीन ली.

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हमले के दौरान आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया जिसमें तीन असैन्य नागरिकों की मौत हो गई. जम्मू कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद्य ने एक पुलिसकर्मी के शहीद होने की पुष्टी की है. उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने सड़क हादसे की जांच करने मीर बाजार गये पुलिस दल पर हमला कर दिया.

पुलिस ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में घायल आतंकवादी को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बाद में उसकी पहचान सेठा के रूप में हुई. उस पर दो लाख रुपये का इनाम है. उधमपुर आतंकी हमला मामले में एनआईए ने उसके खिलाफ चार्जशीट भी दायर की है.


कश्मीर घाटी में पिछले कुछ महीनों में हिंसा में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिली है. खासकर दक्षिणी कश्मीर में आतंकियों ने एटीएम मशीनों और बैंकों को निशाना बनाया है. इसके बाद इस इलाके में 40 बैंकों की शाखाओं में नगद लेनदेन पर रोक लगा दी गई है.

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4 मई को सेना ने शोपियां इलाके में एक बड़े आतंकवाद-रोधी अभियान का बिगुल फूंका था. अभियान में करीब 4 हजार सुरक्षाबल शरीक हुए थे. इसमें हेलिकॉप्टरों और ड्रोन्स की भी मदद ली थी. अभियान का मकसद दक्षिणी कश्मीर के जंगलों में बेखौफ घूम रहे आतंकियों पर नकेल कसना था. इसे पिछले 15 सालों में घाटी में सेना का सबसे बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा था.


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