बाबरी मस्जिद केस पर बोलीं उमा- मुझे भी जानना है क्या थी साजिश?

उमा ने कहा कि मुझे तो यह भी नहीं पता था कि मैं इस तरह की किसी साजिश का हिस्सा हूं. मैं देश पर आपातकाल थोपने वाली कांग्रेस की मांग पर मंत्रिमंडल से इस्तीफा नहीं दूंगी

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केंद्रीय मंत्री उमा भारती केंद्रीय मंत्री उमा भारती

जावेद अख़्तर

  • नई दिल्ली,
  • 21 मई 2017,
  • अपडेटेड 7:36 PM IST

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने 'आजतक एडिटर्स राउंड टेबल' में उनके मंत्रालय के कामकाज के साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी सवाल किया गया. बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आपराधिक साजिश का केस चलने के सवाल पर उमा भारती ने कहा कि उन्हें किसी साजिश का नहीं पता.

उमा भारती ने कहा कि वादे के मुताबिक अक्टूबर 2018 तक गंगा को निर्मल बना दिया जाएगा, लेकिन गंगा की अविरलता हासिल करने में सात वर्ष और लग जाएंगे. उन्होंने कहा कि मैं समयसीमा के हिसाब से काम कर रही हूं. हमने पिछले वर्ष जुलाई में गंगा निर्मलीकरण अभियान का पहला चरण शुरू किया और अक्टूबर, 2018 तक इसे पूरा करेंगे. लेकिन गंगा की अविरल धारा बहाल करने में समय लगेगा. इसमें सात वर्ष तक का समय लग सकता है.

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उमा ने कहा कि लोकसभा चुनाव-2014 में गंगा कोई मुद्दा नहीं थी, लेकिन भाजपा के घोषणा-पत्र में इसे जगह दी गई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बनारस में प्रचार अभियान के दौरान गंगा का मुद्दा उठाया, तब ये मुद्दा बनी.नमामि गंगे के मुद्दे पर उमा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पूर्व की अखिलेश यादव सरकार के साथ सहयोग के स्तर में कमी थी लेकिन राज्य के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्र को सहयोग देंगे, क्योंकि वह गंगा के महत्व को अच्छी तरह समझते हैं.

एनजीटी ने हाल ही में कहा था कि गंगा एक बूंद भी साफ नहीं हुई है और गंगा निर्मलीकरण के लिए आवंटित जनता के पैसे का सही उपयोग नहीं हो सका है, न्यायाधिकरण की इस टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उमा ने कहा कि जहां जरूरत नहीं लगी, वहां उन्होंने एक पैसा भी खर्च नहीं किया है.उमा ने कहा कि नमामि गंगे परियोजना के लिए आवंटित 20 हजार करोड़ रुपये की राशि लैप्स होने वाली नहीं है. हमने अभी इस योजना पर काम शुरू ही किया है और हमने गलत जगह या जहां जरूरत नहीं हो, वहां एक पैसा भी नहीं खर्च किया है.

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जब उमा भारती से पूछा गया कि क्या हुबली में तिरंगा यात्रा की तरह वे राम मंदिर के मुद्दे पर कुर्सी छोड़ने को तैयार हैं तो उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि ये तुलना करना गलत है. साथ ही उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में कोई साजिश हुई थी इसका मुझे नहीं पता. उमा ने कहा कि अगर कोर्ट में ये मामला खुल जाए तो मुझे भी पता लग जाएगा कि हां कोई साजिश हुई थी. उमा भारती ने साफ तौर पर कोई साजिश रचने के आरोप का खंडन किया. हालांकि उमा ने ये जरूर कबूला कि वो राम मंदिर आंदोलन में शामिल रही हैं. लेकिन उसमें कोई साजिश हुई थी, इसका उन्हें नहीं पता.


उमा भारती ने इस्तीफे की मांग को नकार दिया. उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस के कहने से इस्तीफा नहीं दूंगी. वहीं राम मंदिर पर दोबारा आंदोलन में जाने के सवाल को भी उन्होंने टाल दिया.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उमा भारती, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी समेत कई लोगों के खिलाफ केस में आपराधिक साजिश रचने का केस चलाने का आदेश दिया था. कोर्ट के उस आदेश के बाद कांग्रेस ने उमा भारती से इस्तीफे की मांग की थी. उमा ने कहा कि मुझे तो यह भी नहीं पता था कि मैं इस तरह की किसी साजिश का हिस्सा हूं. मैं देश पर आपातकाल थोपने वाली कांग्रेस की मांग पर मंत्रिमंडल से इस्तीफा नहीं दूंगी.

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