कुलभूषण जाधव विवाद के एक दिन बाद थाईलैंड में मिले थे भारत-पाक के NSA

कुलभूषण जाधव को लेकर भारत-पाकिस्तान की तनातनी के बीच दोनों देशों के एनएसए ने मुलाकात की है.

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अजीत डोभाल अजीत डोभाल

भारत सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 31 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:54 AM IST

कुलभूषण जाधव को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच हो रही बयानबाजी के बीच दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात हुई है. यह मुलाकात तटस्थ स्थान थाईलैंड में हुई.

दोनों देशों के अधिकारियों की मुलाकात पाकिस्तानी जेल में बंद पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव की उनकी मां और पत्नी से मुलाकात के अगले दिन ही हुई थी.

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और उनके पाकिस्तानी समकक्ष लेफ्टिनेंट जनरल नासिर खान जांजुआ (रिटायर्ड) के बीच थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में मुलाकात हुई.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस मुलाकात का जाधव मामले से कोई लेना-देना नहीं था. इस मुलाकात की जगह और तारीख दिसंबर की शुरुआत में ही तय कर ली गई थी.

आपको याद दिला दें कि जाधव के परिजनों से मिलने के बाद उपजे विवाद में पाकिस्तान ने कहा था कि उसने मानवीय आधार पर कुलभूषण के परिजनों को उससे मिलवाया. वहीं, भारत ने मुलाकात के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े किए थे.

भारतीय अधिकारियों ने एनएसए की मुलाकात के विषय पर कोई जानकारी नहीं दी है. सूत्रों ने जानकारी दी है कि भारतीय विदेश मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को भी इस मुलाकात की जानकारी दी गई थी. यह मुलाकात दो घंटे से ज्यादा समय तक चली.

चूंकि पाकिस्तान के एनएसए रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हैं, इसलिए मंगलवार को हुई इस मुलाकात के बारे में पाकिस्तानी सेना को भी सूचित किया गया था.

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इस मुलाकात के बाद जांजुआ ने गुरुवार को पूर्व पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ से भी उनके आवास पर करीब पांच घंटे लंबी बैठक की. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, पड़ोसी देशों से संबंध और आतंकवाद पर चर्चा हुई. 

भारत-पाक के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक इस मायने में अहम है कि इससे ठीक पहले पाक एनएसए जांजुआ ने 18 दिसंबर को कहा था कि दक्षिण एशिया में परमाणु युद्ध की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. कोई भी गलती इस क्षेत्र में अशांति की स्थिति ला सकती है.

पहले भी दिसंबर 2015 में दोनों देशों के एनएसए ने विदेश सचिवों के साथ भी बैंकॉक में बैठक की थी. इस ठीक पहले भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने अचानक लाहौर जाकर तत्कालीन पाक पीएम नवाज शरीफ से मुलाकात की थी.

उम्मीद की जा रही है इस बैठक में भारत ने सीमापार से घुसपैठ, हाफिज सईद के रिहा होने और राजनीति में आने और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी के जमानत पर रिहा होने के मामले उठाए.

पाकिस्तान की ओर से संभवतया कश्मीर में अशांति और पीओके में होने वाली गोलीबारी में कथित तौर पर नागरिकों के निशाना बनने के मामले उठाए गए.

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