जीएसटी काउंसिल अगले महीने होने वाली बैठक में नई कर व्यवस्था के क्रियान्वयन की समीक्षा के साथ विभिन्न क्षेत्रों के संगठनों की तरफ से उठाए गए कर के मुद्दे पर विचार कर सकती है. एक शीर्ष अधिकारी ने यह कहा केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) की चेयरपर्सन वनजा सरना ने यह भी कहा कि विभाग एक जुलाई से जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद राजस्व पर नजर रख रहा है लेकिन सितंबर में रिटर्न फाइल करने के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चलेगा.
वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली की अगली बैठक पांच अगस्त को होगी जिसमें नई कर व्यवस्था के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी. परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं. वनजा ने उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से अलग से बातचीत में कहा कि परिषद की अगली बैठक में विभिन्न मुद्दे आएंगे. हमारे नोटिस में नियमों और क्रियान्वयन को लेकर जो चीजें लाई गई हैं उस पर चर्चा हो सकती है. दरों पर भी चर्चा हो सकती है.
यह पूछे जाने पर कि क्या कपड़ा क्षेत्र ने जो मुद्दा उठाया है, उसपर विचार किया जाएगा, उन्होंने कहा कि इस पर विचार किया जा सकता है. कुछ कपड़े पर पांच प्रतिशत जीएसटी का विरोध कर रहे हैं. वे कर की दर शून्य चाहते हैं.
सीबीईसी प्रमुख ने कहा, जो भी मुद्दे उठाये गये हैं, उस पर परिषद द्वारा विचार किया जाएगा. जब आप जैसी कोई बड़ी चीज लागू करते हैं, आपको समस्याएं होंगी या अगले छह महीने या एक साल तक संभवत: मुद्दे आते रहेंगे. एक जुलाई के बाद सीमा शुल्क की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि राजस्व बेहतर है.
BHASHA