गिलगित में तोड़ी गईं बौद्ध मूर्तियां, भारत ने कहा- इलाका खाली करे पाकिस्तान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, हमने अमूल्य पुरातात्विक धरोहर को फिर से स्थापित करने और संरक्षित करने के लिए अपने विशेषज्ञों को वहां जाने देने की मांग की है. हमने एक बार फिर पाकिस्तान से सभी अवैध कब्जे वाले इलाकों को तुरंत खाली करने और वहां रहने वाले लोगों के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकारों का घोर उल्लंघन रोकने का आह्वान किया है.

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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की फाइल फोटो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की फाइल फोटो

गीता मोहन

  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2020,
  • अपडेटेड 10:24 PM IST

  • बौद्ध स्मारक पर हमले को लेकर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया
  • भारत ने पाकिस्तान से सभी अवैध कब्जे खाली करने की मांग की

गिलगित-बाल्टिस्तान में एक बौद्ध स्मारक पर तोड़फोड़ किए जाने की खबर आई थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि स्मारक में मूर्तियों को तोड़ा गया है. अब इस घटना पर भारत ने पाकिस्तान के समक्ष कड़ा ऐतराज जताया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहरों पर हमले रोके. उन्होंने कहा कि भारतीय बौद्ध स्मारक पर तोड़फोड़ और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने को लेकर पाकिस्तान के समक्ष चिंता जाहिर की गई है. विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि पाकिस्तान जितनी जल्दी हो सके, वह इलाका खाली कर दे.

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अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, हमने पाकिस्तान के गैरकानूनी और जबरन कब्जे के तहत भारतीय क्षेत्र के तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में स्थित अमूल्य भारतीय बौद्ध धरोहर पर तोड़फोड़ करने की रिपोर्टों पर अपनी चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा, यह गंभीर चिंता का विषय है कि बौद्ध प्रतीकों को नष्ट किया जा रहा है और पाकिस्तान के अवैध कब्जे के तहत भारतीय क्षेत्रों में धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों व स्वतंत्रता पर हमले हो रहे हैं. ऐसी गतिविधियां जो प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत के लिए बेकद्री दर्शाती हैं, काफी निंदनीय हैं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, हमने इस अमूल्य पुरातात्विक धरोहर को फिर से स्थापित करने और संरक्षित करने के लिए अपने विशेषज्ञों को वहां जाने देने की मांग की है. हमने एक बार फिर पाकिस्तान से सभी अवैध कब्जे वाले इलाकों को तुरंत खाली करने और वहां रहने वाले लोगों के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकारों का घोर उल्लंघन रोकने का आह्वान किया है. अनुराग श्रीवास्तव मीडिया के उन सवालों का जवाब दे रहे थे जिसमें कहा गया है कि भारत अपने विशेषज्ञों को उस इलाके में भेजने की मांग कर रहा है ताकि धरोहर को फिर से संजोया जा सके.

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