"कुरुक्षेत्र के पास खुदाई करते समय विदेशी पुरातत्व विशेषज्ञों को एक 80 फुट की लंबाई के मानव कंकाल के अवषेश मिले जो महाभारत के भीम के पुत्र घटोत्कच के वर्णन के समान हैं." सोशल मीडिया पर एक विशालकाय कंकाल की तस्वीर के साथ यह मैसेज वायरल हो रहा है.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पड़ताल में पाया कि वायरल तस्वीर में नजर आ रहा कंकाल दरअसल एक इटैलियन आर्टिस्ट की बनाई कलाकृति है.
फेसबुक पेज ने पिछले साल यह पोस्ट की थी जिसे अभी भी ज्यादातर लोग सही समझ कर शेयर कर रहे हैं. खबर लिखे जाने तक यह पोस्ट 6600 से ज्यादा बार शेयर की जा चुकी है.
वायरल तस्वीर का सच जानने के लिए जब हमने इसे रिवर्स सर्च किया तो सब स्पष्ट हो गया. दरअसल, यह विशालकाय कंकाल न तो घटोत्कच का है और न ही किसी और इंसान का. यह इटैलियन आर्टिस्ट जिनो डी डोमिनिसिस का बनाया स्कल्पचर है जिसे पहली बार वर्ष 1990 में फ्रांस के ग्रेनोबल शहर में स्थित सेंटर नेशनल डेआर्ट कॉन्टेम्पोरियन में अनावृत किया गया था.
वर्ष 2007 में इसे मिलान के प्लाजो रियल में प्रदर्शित किया गया था. वायरल तस्वीर वहीं की है. ट्रेवल पर छपे एक आर्टिकल के अनुसार इस कंकाल का नाम “Calamita Cosmica” या “Cosmic Magnet” है. यह 28 मीटर लंबा और करीब आठ टन वजनी है. आर्टिकल में इस स्कल्पचर की और भी तस्वीरें देखी जा सकती हैं.
डोमिनिसिस ने यह स्कल्पचर अपनी मृत्यु से कुछ ही समय पहले पूरा किया था. इस स्कप्लचर की खासियत है इसकी लंबी व तीखी नाक. डोमिनिसिस के ज्यादातर आर्टवर्क में यह देखने को मिलता है.
यह पहली बार नहीं है जब यह तस्वीर गलत दावे के साथ वायरल हुई है. इससे पहले वर्ष 2016 में फैक्ट चेक ने इस पोस्ट का सच सामने रखा था.
पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि विशालकाय कंकाल घटोत्कच का नहीं बल्कि एक आर्टिस्ट का बनाया स्कल्पचर है.
अमनप्रीत कौर