पनीरसेल्वम की मुश्किलें बढ़ीं, आय से अधिक संपत्ति मामले में प्रारंभिक जांच शुरू

इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान मद्रास हाई कोर्ट ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय से पूछा था कि उपमुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम के खिलाफ आय के अधिक संपत्ति होने की शिकायत के मिलने के तीन महीने बाद भी जांच  शुरू क्यों नहीं की गई ? साथ ही हाई कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि क्यों न मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाए?

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तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम (फाइल फोटो) तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम (फाइल फोटो)

विवेक पाठक

  • चेन्नई,
  • 25 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 4:49 PM IST

तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं. तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट को सूचित किया है कि सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) ने पनीरसेल्वम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है.

विपक्षी दल द्रमुक और एक गैर सरकारी संगठन की याचिका के जवाब में तमिलनाडु सरकार के अटॉर्नी जनरल, विजयनारायन ने कोर्ट को बताया कि डीवीएसी की तरफ से मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है.

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गौरतलब है कि इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान मद्रास हाई कोर्ट ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय से पूछा था कि उपमुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम के खिलाफ आय के अधिक संपत्ति होने की शिकायत के मिलने के तीन महीने बाद भी जांच  शुरू क्यों नहीं की गई ? साथ ही हाई कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि क्यों न मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाए?

हालांकि तमिलनाडु सरकार के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय द्वारा प्रारंभिक जांच शुरू किए जाने के बाद हाई कोर्ट ने जांच सीबीआई को नहीं सौंपी है. लेकिन कोर्ट ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय को साफ शब्दों में निर्देश दिए है कि जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी जाए.

बता दें कि द्रमुक से राज्य सभा सांसद आरएस भारथी की तरफ से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि और उनके परिवार की संपत्तियों में हाल के दिनों मे इजाफा हुआ है जिसकी कीमत 100 करोड़ के पार है.

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पिछले साल तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने पर उनके विभागों की जिम्मेदारी पनीरसेल्वम ने संभाली थी. जयललिता के निधन के बाद मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने वाले पनीरसेल्वम ने जयललिता की करीबी शशिकला के खिलाफ बगावत कर दी थी. जिसके बाद एआईएडीएमके में दो फाड़ हो गए थे. दोनों गुटों के एक बार फिर मिल जाने के बाद सरकार का पुनर्गठन हुआ जिसमें के पलानीस्वामी सीएम और ओ पनीरसेल्वम उप मुख्यमंत्री बने थे.

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