भारतीय रेलवे अब जापान से सीखेगी सेफ्टी का पाठ

भारतीय रेलवे जापान के साथ रेल क्षेत्र में खासा सहयोग ले रही है. इस समय वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट का काम चल रहा है. ऐसे में भारतीय रेलवे सेफ्टी के मामले में जापानी तकनीक और विशेषज्ञता का फायदा लेने की द‍िशामें कदम बढ़ा रही है.

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प्रतीकात्मक फोटो (Photo: aajtak) प्रतीकात्मक फोटो (Photo: aajtak)

सिद्धार्थ तिवारी

  • न्ई द‍िल्ली,
  • 06 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 12:30 AM IST

भारतीय रेलवे में  सेफ्टी के मामले में  जापानी तकनीक और एक्सपर्टीज का  फायदा लेने के लिए ज्वाइंट कोॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक राजधानी दिल्ली के बड़ौदा हाउस में आयोजित की गई.  इस बैठक में सेफ्टी से संबंधित तमाम मसलों पर चर्चा की गई और इसी के साथ यह फैसला भीकिया गया कि भारतीय रेलवे के 60 अफसर जापान में प्रशिक्षण लेने जाएंगे.

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भारतीय रेलवे जापान के साथ रेल क्षेत्र में खासा सहयोग ले रही है इस समय वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट का काम चल रहा है. जापान सरकार हर वर्ष हाई स्पीड के लिए 300 रेल अधिकारियों को प्रशिक्षित करने का काम कर रहीहै. रेलवे सेफ्टी के मसले पर जापान का रिकॉर्ड बेदाग है, लिहाजा भारत सरकार जापान से रेलवे की सेफ्टी के बारे में भी मदद ले रही है.

भारत और जापान की कोआर्डिनेशन कमेटी बनी 

सेफ्टी के मसले पर बेहतर तालमेल के लिए भारत और जापान की कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाई गई है और जापान के साथ एक एमओयू भी किया गया है. बड़ौदा हाउस में हुई बैठक में भारत की ओर से रेलवे बोर्ड, उत्तर रेलवे, डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन लिमिटेड और रेल संरक्षाआयोग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. जापान की ओर से जापान सरकार, जापानी दूतावास, जापान ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड और जापान इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन एजेंसी के अधिकारियों ने भाग लिया.

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जापान के चुनिंदा क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा

उत्तर रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया के रेल सेफ्टी के मसले  पर रेल मंत्रालय, भारत सरकार और जापान के बीच आधारभूत ढांचे, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय के बीच प्रारम्भिक चर्चा जनवरी, 2017 में शुरू हुई थी.  फरवरी, 2017 में दोनों देशों के बीच रेल संरक्षापर सहयोग के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए.

इस ज्ञापन का उद्देश्य रेल संरक्षा विशेष रूप से ट्रैक (वेल्डिंग रेल इंस्पेक्शन, ट्रैक सर्किट इत्यादि) तथा ट्रैक और चल स्टॉक निरीक्षण की तकनीक के निरीक्षण से जुड़ी नवीनतम टेक्नोलोजी में सहयोग करना था. इस संयुक्त  कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर रेलवे एक प्रमुखसहयोगी होगा. जापानी अध्ययन दल 2 वर्षों की अवधि तक उत्तर रेलवे के साथ काम करेगा. इस परियोजना के अंतर्गत पहले चरण में भारतीय रेलवे के 60 अधिकारियों को जापान के चुनिंदा क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा.

बेहतर बनाने की दिशा में एक अति महत्वपूर्ण कदम

जापान और भारतीय रेल के प्रतिनिधियों वाली यह कोऑर्डिनेशन कमेटी इस परियोजना की शीर्ष स्तरीय समिति है. बैठक के दौरान जापान की ओर से चलाई जाने वाली गतिविधियों और उनके नतीजों पर विस्तृत चर्चा की गई. पहली संयुक्त समन्वय समिति ने इस परियोजना को औपचारिक रूप सेशुरू किया जो कि भारतीय रेलवे पर संरक्षा प्रणाली और उसके उपायों को बेहतर बनाने की दिशा में एक अति महत्वपूर्ण कदम है.

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