सेना का देसी दम, HAL को ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट , BHEL को तोप का ऑर्डर

नेवी की फायर पावर को बढ़ाने के लिए रक्षा खरीद परिषद ने सुपर रैपिड गन माउंट का आधुनिक वर्जन की खरीद को मंजूरी दे दी है. बता दें कि SRGM नेवी और कोस्टगार्ड के युद्धक विमानों में लगाया जाने वाला मुख्य तोप है. नेवी इस हथियार को भारत हैवी इलेक्ट्रिक्ल्स लिमिटेड से खरीदेगी.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फाटो- पीटीआई) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फाटो- पीटीआई)

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 12:48 AM IST

  • रक्षा मंत्रालय ने आत्मनिर्भर भारत को अपनाया
  • डिफेंस खरीद में देशी कंपनियों को दी तरजीह
  • रक्षा खरीद परिषद ने दी है मेगा डील को मंजूरी
आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ाते हुए रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को भारतीय डिफेंस कंपनियों से 106 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट, नेवी के लिए गन माउंट जैसे हथियारों और उपकरणों को खरीदने की मंजूरी दी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद की हुई बैठक में 8,722.38 करोड़ रुपये के हथियारों और रक्षा उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई है.

HAL से 106 ट्रेनर एयरक्राफ्ट खरीदेगी वायुसेना

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एचटीटी-40 नाम के बेसिक प्रशिक्षक विमान सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से खरीदे जाएंगे. वायुसेना HAL को 106 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट का ऑर्डर देगी. बता दें कि राफेल सौदे के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी HAL सुर्खियों में आई थी. HAL ने Basic Trainer Aircraft का प्रोटोटाइप सफलतापूर्वक बना लिया है और इसकी टेस्टिंग कर रही है. वायुसेना पहले हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड से पहले 70 विमान फिर 36 विमान खरीदेगी.

BHEL को सुपर रैपिड गन माउंट का ऑर्डर

इसके अलावा नेवी की फायर पावर को बढ़ाने के लिए रक्षा खरीद परिषद ने सुपर रैपिड गन माउंट (SRGM) का आधुनिक वर्जन की खरीद को मंजूरी दे दी है. बता दें कि SRGM नेवी और कोस्टगार्ड के युद्धक विमानों में लगाया जाने वाला मुख्य तोप है. नेवी इस हथियार को भारत हैवी इलेक्ट्रिक्ल्स लिमिटेड (BHEL) से खरीदेगी. बता दें कि SRGM में चौंकाने की क्षमता रखने वाले मिसाइलों को गिराने की क्षमता है. इसके नए मॉडल में और कई खूबियां हैं.

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रक्षा खरीद परिषद ने 8,722.38 करोड़ मंजूर किया

रक्षा खरीद परिषद ने अन्य हथियारों को खरीदने की इजाजत दी है. इस फैसले के बाद सेना 8,722.38 करोड़ रुपये के हथियार और रक्षा उपकरण खरीद सकेगी.

रक्षा खरीद ने 125 मिमी APFSDS (आर्मर पियर्सिंग फिन स्टैबिलाइज्ड डिस्चार्जिंग सबोट) बारूद की खरीद को मंजूरी दी है. इस गोला-बारूद में 70 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री होगी. रक्षा खरीद परिषद ने ऐसी मंजूरी भी दी हैं, जिससे AK 203 और मानव रहित ड्रोन की खरीद में तेजी आने की संभावना है.

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