कांग्रेस में दरार! राहुल गांधी की लाइन से अलग बोल रहे ये 4 दिग्गज नेता

राहुल गांधी मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध पर भारत के रुख का विरोध कर रहे हैं. लेकिन इस मुद्दे पर कांग्रेस के नेता दो गुटों में बंट गए हैं. पार्टी के अन्य दिग्गज नेता सरकार के रुख की तारीफ कर रहे हैं. एक तरफ राहुल गांधी एलपीजी संकट पर मोदी सरकार को घेर रहे हैं, दूसरी तरफ कमलनाथ संकट को नकार रहे हैं.

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एलपीजी संकट पर कई कांग्रेस नेता सरकार की तारीफ कर रहे हैं. (Photo: ITG) एलपीजी संकट पर कई कांग्रेस नेता सरकार की तारीफ कर रहे हैं. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:27 PM IST

मिडिल-ईस्ट में जारी जंग की वजह से भारत में LPG संकट पैदा हो गया है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के नेता दो धड़ों में बंट गए हैं. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जहां केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति और संकट प्रबंधन पर लगातार हमलावर हैं, वहीं पार्टी के कई दिग्गज नेता सरकार के रुख की सराहना कर रहे हैं.

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कमलनाथ, आनंद शर्मा, शशि थरूर और मनीष तिवारी जैसे बड़े नेताओं के बयानों ने कांग्रेस नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. राहुल गांधी ने अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध पर भारत की विदेश नीति को 'समझौतावादी' करार दिया. जबकि उन्हीं की पार्टी के सांसद शशि थरूर ने इसे 'जिम्मेदार स्टेटक्राफ्ट' बताया.

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा करने के लिए कहा. दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा और कमलनाथ ने की सरकार की तारीफ. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पश्चिम एशिया युद्ध पर एक टीवी समाचार चैनल पर बोलते हुए कहा कि 'सरकार शायद सही काम कर रही है.'

आनंद शर्मा ने की सरकार की तारीफ

पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि भारत ने संभावित बाधाओं से बचते हुए इस संकट को बखूबी संभाला है. उन्होंने राष्ट्रीय एकता का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय हित में एक परिपक्व प्रतिक्रिया समय की मांग है.

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यह भी पढ़ें: 'रूस-ईरान से तेल खरीदने के लिए भारत को ट्रंप से लेना पड़ता है अप्रूवल', राहुल गांधी का PM मोदी पर निशाना

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी एलपीजी किल्लत के मुद्दे पर अपनी ही पार्टी के स्टैंड से अलग नजर आए. कमलनाथ ने कहा, 'ऐसी कोई कमी नहीं है. ये सिर्फ एक माहौल बनाया जा रहा है कि कमी है.' 

'ऑपरेशन सिंदूर' से शुरू हुआ था मतभेदों का दौर

बता दें कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी कांग्रेस के नेताओं की राय बंटी नजर आई थी. तब राहुल गांधी ने सरकार पर सवाल उठाए थे, लेकिन उस समय भी शशि थरूर और मनीष तिवारी ने पार्टी के रुख से अलग हटकर भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और सरकार के फैसले का समर्थन किया था.

बीजेपी ने साधा निशाना

कांग्रेस में पैदा हुए इन मतभेदों पर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 'एक्स' पर लिखा, 'अब कांग्रेस नेता कमलनाथ ने खुद स्वीकार कर लिया है कि देश में गैस या ईंधन की कोई कमी नहीं है. कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए लोगों के बीच डर पैदा करना बंद कर देना चाहिए.'

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी दावा किया कि कांग्रेस के नेता जानते हैं कि राहुल गांधी एक 'मौकापरस्त' नेता हैं.

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