CISF की गाइडलाइंस, सोशल मीडिया पर नहीं कर सकते सरकारी नीतियों की आलोचना

नए दिशानिर्देशों के मुताबिक सीआईएसएफ के कर्मचारियों के लिए गाइडलाइंस का पालन किया जाना जरूरी है. उन्हें अपनी यूजर आईडी विभाग को बतानी होगी.

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सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई) सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 11:11 AM IST

  • सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए दिशानिर्देश
  • सीआईएसएफ कर्मियों को बतानी होगी यूजर आईडी

सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपने करीब 1.62 लाख कर्मियों को नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. नए दिशानिर्देश में कर्मियों को ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सभी सोशल साइट्स पर इस्तेमाल में लाई जा रही अपनी यूजर आईडी संबंधित विभाग को बतानी होगी.

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31 जुलाई को जारी किए गए नए दिशानिर्देशों में कहा गया है कि इन नियमों के उल्लंघनकर्ता और डिफॉल्टर्स को कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा और बल के सामान्य अनुशासन के लिए खतरे की आशंका को देखते हुए दो पेज के दिशानिर्देश जारी किए गए हैं.

नए दिशानिर्देशों में सीआईएसएफ के कर्मचारियों को पांच शर्तों का पालन करना जरूरी है. इनके तहत पर्सनल ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अपने यूजर आईडी का खुलासा संबंधित इकाइयों के आगे करना होगा.

सरकारी नीतियों की आलोचना

इसके अलावा यूजर आईडी में किसी भी तरह का कोई बदलाव या क्रिएशन किया जाता है तो इसकी सूचना भी विभाग को देनी होगी. साथ ही दिशानिर्देश दिए गए हैं कि कोई भी कर्मी अनाम या छद्म नाम से यूजर आईडी का इस्तेमाल नहीं करेगा. साथ ही दिशानिर्देश दिए गए हैं कि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सरकार की नीतियों की आलोचना करने के लिए नहीं किया जाएगा.

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इसके अलावा अपनी शिकायतों को प्रकट करने में पदानुक्रम या उपयुक्त माध्यम को नजरअंदाज करने में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. बता दें कि सीआईएसएफ देश में हवाईअड्डों, हवाईक्षेत्रों के अलावा कई सरकारी मंत्रालयों की सुरक्षा में तैनात है.

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