शेखावत बोले- राजस्थान में रेप और मर्डर की घटनाएं, CM गहलोत देख रहे मुगल-ए-आजम

राजस्थान में सियासी संघर्ष लगातार जारी है. कांग्रेस फोन टेपिंग मामले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से इस्तीफा मांग रही है तो शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर आरोप लगाया कि राज्य में रेप और मर्डर की घटनाओं के बीच वह विधायकों के साथ फिल्म देख रहे हैं.

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केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (फाइल-पीटीआई) केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (फाइल-पीटीआई)

aajtak.in

  • जयपुर,
  • 20 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 7:21 AM IST

  • CM गहलोत विधायकों के साथ फिल्म देखने में बिजीः शेखावत
  • कांग्रेस कर रही केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत से इस्तीफे की मांग
  • 'एसओजी की टीम को वॉयस सैंपल क्यों नहीं लेने दिया जा रहा'

कोरोना संकट के बीच राजस्थान में जारी सियासी संघर्ष खत्म होने के नाम ही नहीं ले रहा है. सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाने में जुटे हुए हैं. अब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में रेप और हत्या की घटनाएं हो रही हैं जबकि मुख्यमंत्री मुगल-ए-आजम देख रहे हैं.

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गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट कर कहा कि टोंक, अलवर, जयपुर, रामगढ़ और कल जालोर में बेटियों के बलात्कार और हत्या की घटनाएं झकझोर देने वाली हैं, लेकिन गहलोत जी अपने विधायकों के साथ होटल फेयरमोंट में मुगल-ए-आजम देखने में व्यस्त हैं. शर्मनाक!!!

'जांच में सहयोग क्यों नहीं'

दूसरी ओर, राजस्थान टेप मामले में रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने अजय माकन ने कहा कि जिन लोगों के नाम एफआईआर में हैं, वे पुलिस की जांच में सहयोग क्यों नहीं दे रहे हैं. एसओजी की टीम को वॉयस सैंपल क्यों नहीं लेने दिया जा रहा है.

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उन्होंने कहा, 'जब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम एफआईआर में है, जब उनकी आवाज ऑडियो टेप में है तो वे मंत्री पद पर क्यों बने हुए हैं. कांग्रेस मांग करती है कि वे अपना पद छोड़ें या सरकार उन्हें हटाए ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें. अगर उन्हें लगता है कि टेप में उनकी आवाज नहीं है तो जांच होने तक उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए.'

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अजय माकन ने इस प्रकरण में 5 सवाल दागे जिसमें गजेंद्र शेखावत से जुड़ा सवाल भी दागा गया. उन्होंने कहा कि जब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत द्वारा यह कहा गया कि कथित ऑडियो टेप में आवाज उनकी नहीं तो फिर वह सामने आकर अपना वॉयस सैंपल देने से इनकार क्यों कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि शेखावत को कोई मोरल अथॉरिटी नहीं है जो अपने पद पर बने रहें. उन्हें इस्तीफा देना चाहिए. जांच में सहयोग देना चाहिए और वॉयस सैंपल देना चाहिए.

अंदर जाने नहीं दिया

इस बीच कथित ऑडियो टेप मामले में मानेसर के रिजॉर्ट में रुके विधायकों ( सचिन पायलट खेमा) से पूछताछ के लिए पहुंची एसओजी टीम वापस लौट आई. एसओजी टीम को रिजॉर्ट के अंदर जाने नहीं दिया गया. रिजॉर्ट प्रबंधन ने रात का हवाला देते हुए कल सुबह आने के लिए कहा है.

इससे पहले भी राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम शुक्रवार शाम मानेसर पहुंची थी. तब भी टीम को सीधे अंदर जाने नहीं दिया गया था. करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद एसओजी टीम को होटल में एंट्री की परमिशन दी गई थी.

हालांकि वहां एसओजी टीम को कांग्रेस के विधायक भंवरलाल शर्मा नहीं मिले तो टीम वापस लौट आई.

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राजस्थान में कुछ ऑडियो टेप वायरल हुए हैं जो विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा हुआ है. इसे देखते हुए अशोक गहलोत सरकार ने केस दर्ज करा रखा है. इस मामले में सीएम गहलोत का कहना है कि विरोधी उनकी सरकार को गिराने के लिए डील कर रहे थे. इसी मामले में शनिवार को संजय जैन को कोर्ट में पेश किया गया, जहां बाद में कोर्ट ने उसे रिमांड पर भेज दिया.

विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़े 3 ऑडियो क्लिप सामने आए हैं. इन ऑडियो क्लिप में संजय जैन नाम के एक शख्स की आवाज होने का दावा भी किया जा रहा है. एसओजी ने संजय जैन को गिरफ्तार किया था.

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