राजस्थानः जाट राजनीति की धुरी नागौर में कांग्रेस ने दिखाई ताकत, निकाली संकल्प यात्रा

राजस्थान की जाट राजनीति का मुख्य केंद्र रहे नागौर में कांग्रेस ने संकल्प यात्रा निकाली, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट सहित कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल रहे. इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला.

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कांग्रेस की संकल्प यात्रा में जुटे दिग्गज नेता कांग्रेस की संकल्प यात्रा में जुटे दिग्गज नेता

राम कृष्ण / शरत कुमार

  • नागौर,
  • 13 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 8:19 AM IST

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गौरव यात्रा निकाल रही हैं, तो वहीं कांग्रेस संकल्प यात्रा निकालकर बीजेपी को राजनीतिक जवाब देने में जुटी हुई है. राजस्थान की जाट राजनीति का मुख्य केंद्र रहे नागौर जिले में बुधवार को कांग्रेस की संकल्प यात्रा पहुंची. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट सहित कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे. इस दौरान कांग्रेस के इन नेताओं ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. साथ ही जाट राजनीति को साधकर कांग्रेस के पक्ष में करने का प्रयास किया.

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कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने अमित शाह के जयपुर दौरे पर दिए गए बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'का यह बयान कि उनकी पार्टी 50 साल तक शासन करेगी, न सिर्फ उनका अहंकार दिखाता है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ भी है. उन्होंने कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश है. यहां जनता अपना शासक चुनती है. अब जनता बीजेपी के कुशासन से तंग आ चुकी है और उसे उखाड़ फेंकने की तैयारी में है.

वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने अपनी पार्टी की जीत का दावा करते हुए कहा कि प्रदेश से बीजेपी की विदाई तय है. उन्होंने कहा कि बीजेपी राज ने किसानों की कमर तोड़ दी और युवाओं को बेरोजगार कर दिया. इसके बावजूद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जनता की गाढ़ी कमाई पर गौरव यात्रा निकाल रही हैं, जबकि उन्हें अपने शासन पर शर्म करना चाहिए. उन्होंने कहा कि नागौर जिला प्रदेश की राजनीतिक धुरी है.

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बता दें कि नागौर जातिगत आधार पर जाट बाहुल्य जिला है. यहां के जाट समाज का अधिकांश झुकाव कांग्रेस की तरफ ही रहा है, क्योंकि नागौर जिले के मिर्धा परिवार का राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस में अच्छा खासा प्रभाव है. मगर पिछले दो चुनाव की बात करें, तो यहां बीजेपी अपना प्रभाव बढ़ाने में कामयाब रही है. इसके चलते बीजेपी ने साल 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जबरदस्त पटखनी देकर 10 में से 9 सीटें जीती थी. इसके बाद साल 2013 के चुनाव में भी बीजेपी ने यही रणनीति अपनाई, जिसके चलते नागौर जिले से कांग्रेस का सफाया हो गया और फिर से बीजेपी 9 सीटें जीत गई. लिहाजा अब कांग्रेस यहां किसी भी तरह की कमी नहीं रखना चाहती और उसका पूरा ध्यान नागौर जिले पर है.

यहां कांग्रेस न सिर्फ जाट समाज को दोबारा साधने में जुटी है, बल्कि किसानों को भी अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम कर रही है. इसके अलावा भितरघातियों और बागियों से निपटने के लिए जिले के कांग्रेसी नेताओं को एकता और अनुशासन का पाठ पढ़ाया जा रहा है. मौजूदा दौर की बात करें तो अभी कांग्रेस की स्थिति मजबूत लग रही है, लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस इसे चुनाव तक किस तरह बरकरार रख पाती है.

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में आयोजित कांग्रेस की संकल्प रैली का आयोजन परबतसर के पटेल स्टेडियम में किया गया, जहां पर लाखों की तादात में लोग पहुंचे. बुधवार सुबह 8:00 बजे से कार्यकर्ताओं का सभा स्थल पर आने का सिलसिला शुरू हुआ, शाम जो 3:00 बजे तक जारी रहा. इस सभा में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ ही अजमेर संभाग के नागौर, अजमेर, टोंक और भीलवाड़ा सहित अनेक जगहों से कार्यकर्ता परबतसर पहुंचे.

सभा में प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, , प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सचिन पायलट, एआईसीसी महासचिव विवेक बंसल, सीपी जोशी, जितेंद्र सिंह, रघु शर्मा, हरेंद्र मिर्धा और रिछपाल मिर्धा समेत अनेक दिग्गज नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ संकल्प रैली में हिस्सा लेने पहुंचे. ये नेता आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदार भी माने जा रहे हैं.

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