SC के आदेश पर बंद होने वाली शराब की दुकानों को पंजाब सरकार ने दी राहत

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंद होने जा रही अपनी होटल और बार इंडस्ट्री के साथ-साथ कई शराब की दुकानों को बचाने के लिए पंजाब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है.

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शराब की दुकानों को पंजाब सरकार ने दी राहत शराब की दुकानों को पंजाब सरकार ने दी राहत

सतेंदर चौहान / सुरभि गुप्ता

  • चंडीगढ़,
  • 05 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 6:07 AM IST

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंद होने जा रही अपनी होटल और बार इंडस्ट्री के साथ-साथ कई शराब की दुकानों को बचाने के लिए पंजाब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्टेट और नेशनल हाईवे के 500 मीटर के दायरे में आने वाले और बंद होने जा रहे बार, पब और रेस्ट्रोबॉर के साथ-साथ मैरिज पैलेसों को पंजाब सरकार ने बड़ी राहत दी है.

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पंजाब सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करके राज्य के कई हाईवे के विस्तार को जो पंजाब के अलग-अलग शहरों के बीच से निकलते हैं उन सबके बायपास को स्टेट हाईवे के दायरे से बाहर कर दिया है. ऐसा करने से पंजाब के कई बार, और शराब की दुकानों और उन मैरिज पैलेसों को राहत मिलेगी जहां पर शादी-ब्याह या दूसरे समारोह के दौरान शराब परोसी जाती है.

, महाराष्ट्र और चंडीगढ़ के बाद राज्य राजमार्गों को डी-नोटिफाई करने वाला पंजाब चौथा प्रदेश बन गया है. पंजाब सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक मोगा-कोटकापुरा, मोगा-हरिके, गगन चौक से लिबर्टी चौक, जेसीएस स्कूल से भैरोंपुर चुन्नी रोड, मलिकपुर चौक से डलहौजी बायपास सड़कें स्टेट हाईवे के दायरे से बाहर रहेंगी और 2017-18 में तैयार होने वाले कई स्टेट हाइवेज को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है.

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पंजाब सरकार ने उन राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार की लिस्ट भी जारी की है जिनको पहले से ही हाइवेज के दायरे से छूट दी जा रही है. 2017-18 में तैयार होने वाले स्टेट हाइवेज के भी कई विस्तार को इस दायरे से बाहर रखा गया है. पंजाब सरकार ने ऐसा करके शराब इंडस्ट्री से आने वाले अरबों रुपये के अपने वार्षिक राजस्व को बचाने की कोशिश की है. अगर इस डी-नोटिफिकेशन को किसी ने चुनौती नहीं दी तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पंजाब में कुछ खास असर नहीं पड़ेगा और तकरीबन पूरी शराब इंडस्ट्री बच जाएगी.

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