पंजाब में कैप्टन अमरिंदर की 'लंच डिप्लोमेसी', एक ही तीर से सिद्धू और हाईकमान को साधा!

पंजाब में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच चल रही सियासी लड़ाई अब खत्म होती नजर आ रही है. सीएम अमरिंदर ने अपने घर पर पार्टी के मंत्रियों-सांसदों को लंच पर बुलाकर एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश की है. एक ही तीर से उन्होंने सिद्धू और हाईकमान को साधने की कोशिश की है.

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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो-PTI) कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो-PTI)

सतेंदर चौहान

  • चंडीगढ़,
  • 01 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 7:29 PM IST
  • सीएम कैप्टन ने नेताओं को लंच पर बुलाया
  • एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश
  • सिद्धू पर जो फैसला होगा, उसे मानने को तैयार!

एक ओर दिल्ली में नवजोत सिंह सिद्धू राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिलने के बाद आलाकमान के पंजाब अंतर्कलह को सुलझाने के फाइनल फार्मूले का इंतजार कर रहे हैं तो वहीं पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी गुरुवार को चंडीगढ़ में अपने करीबी नेताओं के साथ लंच मीटिंग करके एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश की है. 

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एक ओर कैप्टन अमरिंदर (Captain Amarinder Singh) अपने करीबी पंजाब कांग्रेस के नेताओं की बैठक बुलाकर शक्ति प्रदर्शन करने में कामयाब रहे तो वहीं उन्होंने अपने करीबी नेताओं के माध्यम से ये संदेश भी दे दिया कि नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को लेकर आलाकमान ने जो भी फॉर्मूला तैयार किया है उसे तमाम पंजाब कांग्रेस के नेता हर हाल में मानेंगे.

मीटिंग में शामिल रहे कैप्टन के करीबी नेता

कैप्टन अमरिंदर सिंह की बुलाई बैठक में पार्टी के 5 सांसद, 20 विधायक, 8 कैबिनेट मंत्री, 30 जिलाध्यक्ष समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अंतर्कलह को सुलझाने के लिए बनाए जाने वाले फार्मूले को लेकर अपने करीबी नेताओं से चर्चा की. 

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मीटिंग के बाद ये तय किया गया कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह के चेहरे को ही आगे रखकर चुनाव लड़ा जाता है तो ऐसे में नवजोत सिंह सिद्धू को आलाकमान की ओर से जो भी जिम्मेदारी या पद दिया जाएगा तो पंजाब कांग्रेस के तमाम नेता उसका स्वागत करेंगे. 

हालांकि, इस बैठक के बाद जितने भी नेता बाहर निकले उन्होंने पहले तो कहा कि ये बैठक अर्बन इलाके से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए बुलाई गई थी और इस बैठक में नवजोत सिंह सिद्धू से जुड़े किसी भी सियासी मामले पर कोई बातचीत नहीं हुई. लेकिन, अब तक कैप्टन के करीबी जो नेता सिद्धू को संयम रखने की सलाह दे रहे थे और कैप्टन को लेकर इस्तेमाल की जाने वाली उनकी भाषा पर सवाल खड़े कर रहे थे, उनके सुर अब बदले हुए दिखाई दे रहे हैं.

अब तक सिद्धू के खिलाफ बयान देने वाले कई नेताओं ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू भी पार्टी के बड़े चेहरे हैं और आलाकमान की ओर से उनको लेकर जो भी फैसला लिया जाएगा, वो सबको मंजूर होगा.

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कुछ दिनों में दिल्ली जाएंगे कैप्टन

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सिद्धू के मामले को सुलझाने के लिए आने वाले कुछ दिनों में कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली जाएंगे और वहां पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात करेंगे और इसके बाद ही फाइनल फार्मूले पर मुहर लगाई जाएगी ताकि सीएम अमरिंद को ये ना लगे कि उन्हें किसी भी तरह से आलाकमान ने साइडलाइन किया है.

ये बात साफ है कि हर हाल में कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को अपने चेहरे को ही आगे रखकर लड़ना चाहते हैं और उन्हें उम्मीद है कि सीनियरिटी के हिसाब से कांग्रेस आलाकमान भी इस फैसले पर हामी भर देगा. इसी वजह से अब कैप्टन अमरिंदर का खेमा भी सिद्धू के साथ जारी टकराव को खत्म करने के मूड में है और अब सिद्धू को पंजाब कांग्रेस में एडजस्ट किए जाने के फार्मूले का इंतजार किया जा रहा है.

 

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