लक्षद्वीप प्रशासन का दावा- मालदीव की तरह करना चाहते हैं लक्षद्वीप का विकास

विपक्ष की आलोचनाओं से घिरे लक्षद्वीप प्रशासन ने गुरुवार को कहा कि वह द्वीपसमूह के भविष्य के लिहाज से योजनाबद्ध तरीके से बुनियाद रख रहा है. प्रशासन ने कहा कि लक्षदीप को मालदीव की तर्ज पर विकसित करना चाहते हैं. इसलिए सुधार के तमाम कदम उठाए गए हैं.

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लक्षद्वीप प्रशासक प्रफुल्ल खोदा पटेल लक्षद्वीप प्रशासक प्रफुल्ल खोदा पटेल

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 28 मई 2021,
  • अपडेटेड 12:08 PM IST
  • लक्षद्वीप के विकास के लिए उठाए गए सुधार के कदम
  • लक्षद्वीप में शराब की अनुमति से लोग नाराज
  • गोहत्या के खिलाफ प्रतिबंध कानून लाया गया

भारत के दक्षिण-पश्चिम किनारे पर स्थित लक्षद्वीप के विकास संबंधी सुधार के लिए एलडीएआर ( लक्षद्वीप डिवलेपमेंट अथॉरिटी रेग्युलेशन) को लाया गया है. इसे लेकर विपक्ष की आलोचनाओं से घिरे लक्षद्वीप प्रशासन ने गुरुवार को कहा कि वह द्वीपसमूह के भविष्य के लिहाज से योजनाबद्ध तरीके से बुनियाद रख रहा है. प्रशासन ने कहा कि लक्षदीप को मालदीव की तर्ज पर विकसित करना चाहते हैं. 

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लक्षद्वीप की जनता को विश्वास में लिए बिना इस तरह के कदम उठाने के आरोपों को खारिज करते हुए जिलाधिकारी एस असकर अली ने कहा कि निहित स्वार्थ वाले और अवैध कारोबार में संलिप्त लोग लक्षदीप प्रशासन के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लक्षद्वीप बहुत शांति वाली जगह है. यह शांतिपूर्ण रहेगी.

लक्षदीप में असामाजिक गतिविधि रोकथाम अधिनियम (पासा) लागू करने के फैसले को उचित ठहराते हुए जिला अधिकारी ने कहा कि यह कदम ड्रग्स तस्करी और बच्चों के साथ बढ़ते यौन उत्पीड़न के मामलों को रोकने के लिए उठाया गया है. उन्होंने कहा कि जब हम समग्र रूप से इस जगह को विकसित करने की योजना बना रहे हैं तो हम कानून व्यवस्था के मोर्चों पर समझौता नहीं कर सकते.

मुस्लिम बहुल लक्षद्वीप में शराब के इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि यहां कुछ चुनिंदा पर्यटकों के लिए शराब के परमिट दिए गए, जो सिर्फ पर्यटकों के लिए है. लक्षद्वीप में गोहत्या पर प्रतिबंध के फैसले पर उन्होंने कहा कि देश में राज्यों ने गाय संरक्षण कानून बनाए हैं, इसलिए लक्षद्वीप में भी कानून लाया गया है.

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लक्षद्वीप के भोजन के मेनू से मांस उत्पादों को बाहर करने के निर्णय के बारे में पूछे जाने पर जिला अधिकारी ने कहा  एक नीतिगत निर्णय और मध्याह्न भोजन मेनू में मांसाहारी, मछली और अंडे जैसे उत्पाद रखे जाते हैं. यह निर्णय एक सरकारी समिति द्वारा लिया गया था. उन्होंने कहा कि स्थानीय को बढ़ावा देने के लिए मछली को शामिल किया गया था. मछुआरे और उन्होंने इसके लिए दबाव डाला था.

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन चाहता है लक्षद्वीप को अगले 10 या 20 वर्षों में मालदीव जैसे द्वीपों की तरह विकसित किया जाए. सुरक्षा की दृष्टि से ये द्वीप बहुत महत्वपूर्ण हैं और यहां के लिए समग्र विकास की योजना बना रहे हैं. मालदीव एक ही प्राकृतिक सुंदरता के साथ उभरा है, जो विश्व के पर्यटन स्थल में से एक है. हालांकि, यहां सुविधाएं न होने से पर्यटन बहुत कम आते हैं. इसीलिए सुधार के कदम उठाए गए है, जिससे पर्यटन भी आएंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा. 

मनमाना आदेश वापस लिया जाए-राहुल
वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लक्षद्वीप में मसौदा नियमन को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की कि वह इस मामले में दखल दें और यह सुनिश्चित करें कि इस केंद्र-शासित प्रदेश के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल के आदेशों को वापस लिया जाए.

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राहुल गांधी ने यह आरोप भी लगाया कि पटेल की ओर से मनमाना ढंग से किए गए संशोधनों और घोषित 'जन विरोधी नीतियों' के कारण लक्षद्वीप के लोगों के भविष्य को खतरा पैदा हो गया है. कांग्रेस नेता ने लक्षद्वीप में विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए पत्र में कहा कि लक्षद्वीप विकास प्राधिकरण नियमन का मसौदा इस बात का सबूत है कि प्रशासक की ओर से लक्षद्वीप की पारिस्थितिकी शुचिता को कमतर करने का प्रयास किया जा रहा है.

 

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