क्या बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा की बढ़ेंगी मुश्किलें? विवादित बयान से पार्टी नाराज!

हाल ही में दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था, इसमें सांसद प्रवेश वर्मा ने भाषण दिया था और मनीष हत्याकांड का मामला उठाते हुए समुदाय विशेष को निशाना बनाया था और दुकानों, रेहड़ी से सामान ना लेने और पूर्ण बहिष्कार करने की अपील की थी.

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सांसद प्रवेश वर्मा ने विहिप के एक कार्यक्रम में विवादास्पद बयान दिया था. (फाइल फोटो) सांसद प्रवेश वर्मा ने विहिप के एक कार्यक्रम में विवादास्पद बयान दिया था. (फाइल फोटो)

पॉलोमी साहा

  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 11:42 PM IST

पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा के विवादित बयान ने अपनी ही पार्टी बीजेपी को मुश्किल में डाल दिया है. खबर है कि प्रवेश वर्मा का बयान पार्टी नेतृत्व को भी पसंद नहीं आया है और हाईकमान ने नाराजगी जताई है. हालांकि, सांसद से अब तक किसी तरह का स्पष्टीकरण लिए जाने की पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन, सोशल मीडिया पर वर्मा के बयान की निंदा की जा रही है.

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बता दें कि हाल ही में दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था, इसमें सांसद प्रवेश वर्मा ने भाषण दिया था और मनीष हत्याकांड का मामला उठाते हुए समुदाय विशेष को निशाना बनाया था. उन्होंने दुकानों, रेहड़ी से सामान ना लेने और पूर्ण बहिष्कार करने की अपील की थी. हालांकि, वर्मा ने अपने भाषण में किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया था. लेकिन वर्मा के बयान के बाद मुस्लिम समाज की तरफ से बड़े स्तर पर नाराजगी जताई गई थी.

सांसद को स्पष्टीकरण की पुष्टि नहीं 

वर्मा का भाषण वायरल होने पर सोशल मीडिया पर राजनीतिक विरोधी और आलोचकों ने निशाना साधा. सूत्रों की मानें तो प्रवेश वर्मा की टिप्पणी उनकी अपनी पार्टी नेतृत्व को भी अच्छी नहीं लगी. हालांकि सांसद से किसी भी आधिकारिक स्पष्टीकरण की पुष्टि नहीं हुई है, पार्टी के सूत्रों ने आजतक को बताया कि वर्मा के बयान से मुश्किलें स्पष्ट देखी जा रही हैं.

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पीएम ने मुसलमानों को जोड़ने की अपील की थी

चूंकि, जुलाई में हैदराबाद में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन से विशेष अपील की थी. उन्होंने पार्टी से पसमांदा समाज को जोड़ने पर जोर दिया था. इतना ही नहीं, पार्टी नेताओं को अनावश्यक विवाद से दूर रहने और सांप्रदायिक मसलों पर बयानबाजी नहीं करने की अपील की थी.

सांप्रदायिक बयानबाजी का उल्टा असर हो सकता

सूत्रों का कहना है कि जिस समय पार्टी मुस्लिम समुदाय के सदस्यों, विशेषकर पिछड़े पसमांदा मुसलमानों तक पहुंचना चाहती है, तब इस तरह की सांप्रदायिक बयानबाजी का उल्टा असर हो सकता है. बताते चलें कि हाल में भी भाजपा के वैचारिक संरक्षक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी मुस्लिम समुदाय तक पहुंचने और पुल बनाने की कोशिश करते देखा गया है.

'पंच परमेश्वर सम्मेलन' में बीजेपी दे सकती है संदेश

इससे पहले बीजेपी ने नूपुर शर्मा के विवादित बयान की निंदा की थी और पार्टी से बाहर कर दिया था. संगठन नेताओं को भी सांप्रदायिक टिप्पणी करने से बचने के लिए पत्र जारी किया था. अब रविवार को भाजपा राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में एक विशाल सभा का आयोजन कर रही है. इसमें दिल्ली इकाई के करीब 70,000 कार्यकर्ताओं और नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. पार्टी ने इस रैली को 'पंच परमेश्वर सम्मेलन' कहा है. माना जा रहा है कि अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेपी नड्डा संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को समान रूप से 'सांप्रदायिक' बयानबाजी से बचने का संदेश दे सकते हैं.

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