बिहार में बीजेपी का 'मिशन 35', नड्डा-शाह ने साथ मिलकर बनाई रणनीति

बिहार में बीजेपी ने अपने लिए एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है. पार्टी आने वाले लोकसभा चुनाव में 35 सीटें जीतना चाहती है. इसी को लेकर बीजेपी ने कोर कमेटी की बैठक बुलाई थी जिसकी अध्यक्षता जेपी नड्डा और अमित शाह ने की. बैठक के दौरान बिहार रणनीति पर लंबा मंथन किया गया.

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गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 7:06 AM IST

बिहार में बीजेपी को अकेला छोड़कर आरजेडी से हाथ मिला नीतीश कुमार ने बड़ा सियासी खेला किया है. वे आठवीं बार मुख्यमंत्री भी बन गए हैं और राज्य में एक बार फिर महागठबंधन सरकार भी लौट आई है. राजनितिक जानकार मानकर चल रहे हैं कि नीतीश कुमार के जाने से बीजेपी को बिहार में बड़ा नुकसान होगा. आगामी लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को कई सीटों का नुकसान संभव है. लेकिन उसी नुकसान की भरपाई के लिए एक्शन मोड में आ गए हैं कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह.

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बीजेपी का मिशन 35 क्या है?

कल दिल्ली में बीजेपी कोर कमेटी की एक अहम बैठक हुई थी. उस बैठक में दोनों जेपी नड्डा और अमित शाह पहुंचे थे. बिहार बीजेपी के कई बड़े नेता भी मीटिंग में आए थे. बैठक का उदेश्य बिहार की वर्तमान स्थिति को समझना और तमाम तरह की चुनौतियों से पार पाना था. इसके अलावा पार्टी ने इस बात पर भी जोर दिया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को हर कीमत पर 35 सीटें जीतनी हैं. जानकारी के लिए बता दें कि बिहार में कुल 40 लोकसभा की सीटें आती हैं. 2019 के चुनाव में बीजेपी ने जेडीयू के साथ मिलकर क्लीन स्वीप किया था और 39 सीटें जीतने में कामयाब रहे थे. लेकिन अब जमीन पर स्थिति बदल गई है, नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ चले गए हैं.

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बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा है कि महागठबंधन की सरकार लोगों को धोखा देकर बनाई गई है. बीजेपी इसके खिलाफ लड़ने वाली है. पार्टी का एक ही लक्ष्य है, 2024 के लोकसभा चुनाव में 35 सीटें जीतनी हैं. संजय जायसवाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि नीतीश कुमार ने महागठबंधन से हाथ सिर्फ इसलिए मिलाया है, क्योंकि वे राज्य में एक बार फिर लालू राज लाना चाहते हैं.

सर्वे ने बढ़ाई बीजेपी की चिंता

वैसे बीजेपी जरूर 35 सीटें जीतने का दावा कर रही है, लेकिन कुछ दिन पहले आजतक ने सी वोटर के साथ मिलकर एक सर्वे किया था, उसमें कहा गया था कि अगर आज चुनाव होते हैं तो बीजेपी को बिहार में सिर्फ 14 सीटें मिलेंगी, वहीं महागठबंधन का आंकड़ा 26 तक पहुंच जाएगा. 

बीजेपी कोर कमेटी की बैठक (ANI)

नीतीश सरकार का मंत्रिमंडल

बीजेपी की इस कोर कमेटी की बैठक में बीएल संतोष, रवि शंकर प्रसाद, शाहनवाज हुसैन, मंगल पांडे. जनक राम, नंद किशोर यादव जैसे नेताओं ने हिस्सा लिया था. वैसे बिहार की वर्तमान राजनीतिक गतिविधियों की बात करें तो राज्य में महागठबंधन सरकार का कैबिनेट विस्तार हो चुका है. कुल 31 मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. इसमें सबसे ज्यादा मंत्रालय इस बार आरजेडी को मिले हैं. उसके खाते में 16 मंत्रालय जा रहे हैं, वहीं जेडीयू को 11 मंत्रालय मिले हैं. इसके अलावा कांग्रेस के दो, हम से एक और एक निर्दलीय को भी शपथ दिलवाई गई है.

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इस समय महागठबंधन के पास 164 विधायकों का समर्थन है और कुल सात पार्टियां मिलकर ये सरकार चला रही हैं. नीतीश कुमार जोर देकर कह रहे हैं कि ये सरकार बिहार की सेवा करने के लिए तैयार है और सभी सपनों को पूरा किया जाएगा. लेकिन बीजेपी दावा कर रही है कि जनता इस गठबंधन को सिरे से खारिज कर चुकी है, नीतीश कुमार ने जो जनादेश का अपमान किया है, उन्हें उसका नुकसान उठाना पड़ेगा.

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