कौन हैं शोभनदेब चट्टोपाध्याय, जिन्हें TMC ने बनाया नेता प्रतिपक्ष? 2021 में ममता बनर्जी के लिए खाली की थी भवानीपुर सीट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी ने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को सर्वसम्मति से विपक्ष का नेता बनाया है. शोभनदेव चटर्जी ने लगातार 10वीं बार विधायक के रूप में जीत हासिल की है और उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया है.

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शोभनदेब चट्टोपाध्याय को बंगाल में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया. (Photo- X) शोभनदेब चट्टोपाध्याय को बंगाल में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया. (Photo- X)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:09 AM IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब टीएमसी ने विधानसभा में अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है. 15 साल के शासन के अंत के बाद अब पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार है. टीएमसी ने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाया है.

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एक बयान जारी किया है. इसमें उन्होंने जानकारी दी कि 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में शोभनदेब चट्टोपाध्याय को सर्वसम्मति से विपक्ष का नेता बनाया गया है.  बता दें कि टीएमसी का ये फैसला शुभेंदु अधिकारी के सीएम पद का शपथ ग्रहण करने के ठीक एक दिन बाद आया है. 

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टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव हार गई थीं. ऐसे में वो अब विधानसभा की सदस्य नहीं हैं, इसलिए नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए पार्टी को एक अनुभवी चेहरे की तलाश थी. शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने बालीगंज सीट से 61,476 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है. ये विधायक के रूप में उनकी लगातार 10वीं पारी है.

कौन हैं शोभनदेब चट्टोपाध्याय?

शोभनदेब चट्टोपाध्याय बंगाल की राजनीति में 80 के दशक के मध्य से सक्रिय हैं. शुरुआत में वो कांग्रेस के सदस्य थे और फिर टीएमसी में शामिल हो गए. वो ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक रहे हैं और टीएमसी के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे, पार्टी की लेबर विंग (INTTUC) बनाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है. उन्होंने अपना पहला चुनाव 1991 में जीता था और तब से वो कभी नहीं हारे.

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अनुभव की लंबी फेहरिस्त

टीएमसी के पिछले तीन कार्यकालों में शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कई अहम भूमिकाएं निभाई हैं. उन्हें 2011 में सरकार का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया था. 2016 में वो बंगाल के बिजली और गैर-पारंपरिक ऊर्जा मंत्री बने. फिर 2021 में शोभनदेब ने कृषि मंत्री और बाद में संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद 2022 में उन्हें सदन का उप-नेता बनाया गया था.

इतना ही नहीं, 2021 में उन्होंने ममता बनर्जी के लिए भवानीपुर सीट खाली की थी और खुद खरदह सीट से उपचुनाव लड़ा था.

यह भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेते ही ममता बनर्जी ने बदला सोशल मीडिया प्रोफाइल, पर नहीं लिखा 'पूर्व CM'

विपक्ष की नई टीम

शोभनदेब चट्टोपाध्याय के अलावा टीएमसी ने असीमा पात्रा और नयना बंद्योपाध्याय को विधानसभा में विपक्ष का उप-नेता बनाया है. वहीं, कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम सदन में विपक्ष के मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी संभालेंगे.

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