साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के न आने से अदालती कार्यवाही में आ रही बाधा, NIA कोर्ट ने मांगी मेडिकल कंडीशन वैरिफिकेशन रिपोर्ट

विशेष एनआईए जज एके लाहोटी ने कहा, NIA सोमवार तक उनके स्वास्थ्य पर रिपोर्ट दाखिल करे. ठाकुर के वकील जेपी मिश्रा और प्रशांत मग्गू ने बुधवार को दायर छूट आवेदन में कहा कि साध्वी प्रज्ञा खराब स्वास्थ्य और गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं. वकीलों ने कहा कि, 'उनकी मेडिकल कंडीशन ठीक नहीं है और डॉक्टरों-शुभचिंतकों की सलाह पर, वह भोपाल में अपने घर पर चिकित्सा उपचार ले रही हैं.

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साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (फाइल फोटो) साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (फाइल फोटो)

विद्या

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 8:55 PM IST

मुंबई की एक विशेष NIA अदालत ने केंद्रीय एजेंसी को भोपाल से भाजपा सांसद साधवी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की हेल्थ रिपोर्ट और वास्तविक स्थिति के वैरिफिकेशन का निर्देश दिया है. दरअसल, साध्वी प्रज्ञा मालेगांव 2008 विस्फोट मामले में आरोपी हैं, उन्हें अदालत में पेश होने के निर्देश हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही हैं और इससे अदालती कार्यवाही में बाधा आ रही है. 

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विशेष एनआईए जज एके लाहोटी ने कहा, NIA सोमवार तक उनके स्वास्थ्य पर रिपोर्ट दाखिल करे. ठाकुर के वकील जेपी मिश्रा और प्रशांत मग्गू ने बुधवार को दायर छूट आवेदन में कहा कि साध्वी प्रज्ञा खराब स्वास्थ्य और गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं. वकीलों ने कहा कि, 'उनकी मेडिकल कंडीशन ठीक नहीं है और डॉक्टरों-शुभचिंतकों की सलाह पर, वह भोपाल में अपने घर पर चिकित्सा उपचार ले रही हैं. उपस्थित चिकित्सक ने उनकी जांच करने के बाद निष्कर्ष निकाला कि उन्हें बेडरेस्ट की जरूरत है.'

ठाकुर के वकीलों ने इसके लिए एक मेडिकल सर्टिफिकेट भी संलग्न किया और कहा कि उनकी मेडिकल और शारीरिक स्थिति को देखते हुए, बीमारी से उबरने और अदालत के सामने पेश होने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए. NIA की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक अविनाश रसल ने कहा कि कई मौकों पर ठाकुर की बीमारी की याचिका पर विचार किया गया है. क्योंकि वह मुंबई में नहीं हैं, इसलिए उनकी गैर-हाजिरी का कारण सत्यापित नहीं किया जा सकता है, लेकिन भोपाल एनआईए कार्यालय को सत्यापन करने का निर्देश दिया जा सकता है. रसल ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रज्ञा ठाकुर के लगातार सुनवाई से अनुपस्थित रहने के कारण सुनवाई में देरी हो रही है.

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न्यायधीश ने कहा कि, "यह उल्लेख करना आवश्यक है कि, कुछ आरोपियों द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाइयों यानी लंबी दूरी से यात्रा करने या दूसरे राज्य से यात्रा करने और 11 बजे टिकट की अनुपलब्धता को ध्यान में रखते हुए, 313 बयान दर्ज करने के लिए निर्धारित तिथियां भी पहले से दी गई थीं . खराब स्वास्थ्य के कारण पर भी समय-समय पर विचार किया गया और इस आशय के आदेश पारित किए गए,'' 

न्यायाधीश ने आगे कहा कि प्रज्ञा ठाकुर लंबे समय से अनुपस्थित थीं, हालांकि वह 22 मार्च को अदालत में पेश हुईं और उनकी मेडिकल कंडीशन को देखते हुए उन्हें अदालत छोड़ने की अनुमति दी गई. "भोपाल जाने से पहले, वह अपना बयान दर्ज कराने के लिए अदालत में वापस नहीं आई," न्यायाधीश ने कहा, "सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने के लिए ठाकुर की उपस्थिति जरूरी है, उसकी अनुपस्थिति के कारण, अदालती कार्यवाही में बाधा आ रही है.

अदालत ने देखा कि उनके मेडिकल सर्टिफिकेट में कहा गया है कि वह सर्वाइकल-स्पॉन्डिलाइटिस और माइग्रेन से पीड़ित हैं और इसलिए डॉक्टर ने उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है. न्यायाधीश ने कहा कि रसल की दलीलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि कम से कम ठाकुर की मेडिकल कंडीशन से संबंधित एनआईए भोपाल की सत्यापन रिपोर्ट मंगाई जाए, क्योंकि वह लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रही हैं और इससे मुकदमे में देरी हो रही है.

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