ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 1.62 करोड़ के नकली नोट और 3 KG फेक गोल्ड बरामद

वडोदरा पुलिस ने ₹4.92 करोड़ की ठगी के मास्टरमाइंड राजवीर पारीख उर्फ इलियास अजमेरी के घर और उसके भाई के घर पर छापेमारी की. कार्रवाई में ₹1.62 करोड़ के नकली नोटों से भरे दो बैग और तीन किलो नकली सोने के बिस्कुट बरामद हुए. आरोपी सस्ता सोना और ₹10 करोड़ का लोन दिलाने के बहाने लोगों को फंसाता था. इलियास नकली पुलिस अधिकारी बनकर भी धोखाधड़ी करता था.

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वडोदरा पुलिस ने पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश. (photo:Representational) वडोदरा पुलिस ने पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश. (photo:Representational)

ब्रिजेश दोशी

  • वडोदरा,
  • 26 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 8:43 AM IST

वडोदरा पुलिस ने सस्ते में सोना दिलाने और 10 करोड़ का लोन पास कराने का लालच देकर लोगों को चूना लगाने वाले एक बड़े ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है. छापेमारी में पुलिस को आरोपियों के घर से 1.62 करोड़ रुपये के नकली नोटों और 3 किलो नकली सोने से भरे दो बैग बरामद किए गए हैं. पुलिस ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डराता-धमकाता था और करोड़ों रुपये ऐंठता था.

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पुलिस ने बताया कि 21 नवंबर को जेपी रोड पुलिस स्टेशन में कर्नाटक के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सिग्नेट हब ऑफिस (गेडा सर्किल के पास) के मालिक राजवीर पारीख उर्फ इलियास अजमेरी, उसके साथी विशाल बारड़, नैना महिड़ा और अन्य लोगों ने उसे सस्ता सोना और 10 करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर कुल 4.92 करोड़ रुपए की ठगी की है.

शिकायत के मुताबिक, पहले राजवीर पारीख ने सस्ते रेट पर सोना देने के नाम पर 4.61 रुपये लिए. फिर विशाल बारड़ और नयना महिड़ा ने 10 करोड़ का लोन पास कराने के लिए बैंक मैनेजर को कमीशन के तौर पर 31 लाख रुपए एडवांस में लिए.

नकली नोट और फेक गोल्ड बरामद

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी इलियास अजमेरी (उर्फ राजवीर पारीख) नकली पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को धमकाता था. उसके और उसके भाई इदरीश अजमेरी के घर पर छापेमारी की गई तो वहां से दो बैगों में 1.62 करोड़ रुपये के नकली भारतीय नोट और 3 किलोग्राम नकली सोने के बिस्किट बरामद हुए है.

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पुलिस ने बताया कि आरोपी सस्ता सोना और ₹10 करोड़ का लोन दिलाने के बहाने लोगों को फंसाता था. इलियास नकली पुलिस अधिकारी बनकर भी धोखाधड़ी करता था.

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि अभी तक दो आरोपियों- भरत प्रजापति और विरल साकरिया को गिरफ्तार किया है. मुख्य मास्टरमाइंड इलियास अजमेरी समेत बाकी आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. इलियास के खिलाफ पहले से ही 5 ठगी के मामले दर्ज हैं.

पुलिस अधिकारी बनकर करते थे ठगी

पुलिस का कहना है कि ये गिरोह सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि कई राज्यों में इसी तरीके से लोगों को ठगता था. नकली पुलिस बनकर डराना, सस्ता सोना दिलाना और बड़े लोन का लालच देना- यही इनकी मोडस ऑपरेंडी थी.

वडोदरा क्राइम ब्रांच अब ये पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को और कितने राज्यों में अपना शिकार बनाया है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सस्ते सोने या आसान लोन के लालच में कोई भी व्यक्ति अग्रिम राशि न दे और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें.

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