लोकसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न के जवाब में केंद्र सरकार में जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम यह बोल गए कि भारत सरकार का विषय है. इसलिए मैं जवाब नहीं दे सकता हूं. इस दौरान किसी सदस्य ने यह दोहराया कि किस सरकार का विषय है. बाद में स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि यह बहुत अनुभवी मंत्री हैं. इसके बाद कार्यवाही आगे बढ़ गई.
दरअसल, प्रश्नकाल के दौरान झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद निशिकांत दुबे ने पूछा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत झारखंड में जो पैसे गए, उसका कोई यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट नहीं मिला. ट्राइबल ग्रुप के लिए जो खर्चा है, झारखंड ने मांगा ही नहीं और आपने एक भी रुपया नहीं दिया है.
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे बोल ही रहे थे कि स्पीकर ने कहा कि बहुत लंबी-लंबी बातें नहीं करते हैं. इस पर विपक्ष की ओर से शोर हुआ, तब निशिकांत दुबे ने कहा कि ये (स्पीकर) मंत्री जी लोगों को बोल रहे हैं, मुझे नहीं बोल रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत सरकार आर्टिकल 349 के संशोधन पर विचार करेगी.
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निशिकांत दुबे के इस सवाल का जवाब देने जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम खड़े हुए. उन्होंने कहा कि सर ये प्रश्न के दायरे में नहीं आता है. यह भारत सरकार का विषय है, इसलिए मैं इसका जवाब नहीं दे सकता हूं. मंत्री की इस बात पर स्पीकर ओम बिरला भी मुस्कराते नजर आए. स्पीकर ने कहा कि वह भी बहुत अनुभवी मंत्री हैं.
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उन्होंने मंत्री ओराम से पूछा कि इस विभाग में कितने, 10 साल रह लिए या 15 साल रह लिए आप. स्पीकर की इस बात के जवाब में जुएल ओराम ने कहा कि तीन बार सर, तीसरा टर्म है. स्पीकर ने कहा कि तीन बार रह लिए इस विभाग में. स्पीकर ने इसके बाद अगला प्रश्न ले लिया.
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