संसद के चालू बजट सत्र का दूसरा हाफ चल रहा है. संसद में आज महत्वपूर्ण विधेयक आने हैं. लोकसभा में आज सीएपीएफ बिल आएगा. यह बिल एक दिन पहले ही राज्यसभा से पारित हो गया था. वहीं, राज्यसभा में आज लोकसभा से पारित हो चुके आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा हो रही है. आज उच्च सदन में जन विश्वास बिल भी आएगा.
राज्यसभा में जन विश्वास बिल पर चर्चा के लिए तीन और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है. राज्यसभा में आज भोजनावकाश और प्राइवेट मेंबर बिजनेस नहीं होंगे.
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि मुझे संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से एक अनुरोध प्राप्त हुआ है. उसके अनुसार सरकारी कार्य से हम 16 अप्रैल को फिर बैठेंगे. उन्होंने कहा कि उस दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल और प्राइवेट मेंबर टाइम नहीं होगा. स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही 16 अप्रैल को 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. इससे पहले, राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करते हुए डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने कहा कि कार्यवाही 16 अप्रैल को 11 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है.
सीएपीएफ रेगुलेशन बिल गुरुवार को लोकसभा से पारित हो गया. इस बिल पर चर्चा का जवाब गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने दिया. नित्यानंद राय के जवाब के बाद विपक्षी दलों के सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए. सपा सांसद राजीव राय ने विधेयक में संशोधन के प्रस्ताव पेश किए. हालांकि ध्वनिमत से वोटिंग में ये संशोधन गिर गए. यह बिल ध्वनिमत से पारित हो गया.
राज्यसभा की कार्यवाही 16 अप्रैल को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है. जन विश्वास बिल पारित होने के बाद सदन में स्पेशल मेंशन की कार्यवाही चली. इसके बाद चेयर से डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने सदन की कार्यवाही 16 अप्रैल को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने सीएपीएफ बिल का विरोध करते हुए कहा कि 14 साल से जिस न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहे थे, उसे अन्याय में बदलने के लिए कानून लेकर आ गए. जो हमारे देश की सुरक्षा कर रहे हैं, अगर उनके मन में असुरक्षा है, तो आंकड़ों में नहीं जाऊंगा. आप किनको खुश करने के लिए ये बिल लेकर आए हैं. गृह मंत्री की सुरक्षा वो करें, और उनके साथ अन्याय ये करें. उनके मन में अन्याय का भाव आ जाएगा, तो भगवान ना करें ऐसा हो. एक बार यूपी में पीएसी और आर्मी में गोलीबारी हो गई थी. अन्याय किसी के साथ न हो. सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आप बार-बार न बदलें. शहीदों पर भेदभाव क्यों करना चाह रहे हैं. अगर उनके विकास में आपको असहजता महसूस कर रहे हैं, तो आईपीएस की ही तरह इन बलों के अधिकारियों को भी जिलों में तैनाती दीजिए. शहीद का दर्जा दीजिए. एक असिस्टेंट कमांडेंट मेरे पास आया था. नाम बताऊंगा तो आप कार्रवाई कर दोगे. वह कह रहा था कि 15 साल से असिस्टेंट कमांडेंट हूं. हमें गर्व है कि एक चायवाला देश का प्रधानमंत्री बन जाता है, लेकिन असिस्टेंट कमांडेंट बनकर सरहदों की सुरक्षा करने वाला जवान 15 साल से वहीं बैठा हुआ है.
राज्यसभा से जन विश्वास बिल पारित हो गया है. इस बिल पर उच्च सदन में हुई चर्चा का जवाब उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दिया. पीयूष गोयल के जवाब के बाद यह बिल राज्यसभा से पारित हो गया. इस बिल को एक दिन पहले ही लोकसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया था.
लोकसभा की कार्यवाही का समय बढ़ा दिया गया है. लोकसभा की कार्यवाही का समय सीएपीएफ बिल के पारित होने तक बढ़ा दिया गया है. शाम छह बजते ही चेयर से संध्या राय ने सदन की सहमति ली और इसके बाद कार्यवाही का समय सीएपीएफ बिल पारित होने तक के लिए बढ़ाने की घोषणा कर दी.
राज्यसभा में जन विश्वास बिल पर हुई चर्चा का उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल जवाब दे रहे हैं. वाणिज्य मंत्री ने कहा कि पहले किसी ने गौर नहीं किया कि छोटी-मोटी गलतियों पर भी सजा का प्रावधान है. जो नहीं होना चाहिए. हजार से अधिक कानूनों में बदलाव लाया गया है. सबको जोड़कर देखें तो यह बड़े स्तर पर जनता को सुविधा देगा और जीवन में सरलता लाएगा. उन्होंने कहा कि बहुत अधिक दंड दिया जाए, भयभीत किया जाए तो अनुशासन नहीं लाया जा सकता. पीयूष गोयल ने कहा कि शासन का सबसे बड़ा उदाहरण रामराज्य है. प्रभु श्रीराम जब शासन करते थे, वह सुनते थे सबको. न्याय करते थे. जन विश्वास बिल उसी कड़ी में है. शासन प्रजा पर विश्वास करे, उसे परेशान ना करे. इसी दृष्टि से इसमें बदलाव किया जा रहा है.
संसद के बजट सत्र का एक्सटेंशन होगा, यह अब औपचारिक रूप से तय हो गया है. राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि संसद की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं किया जाएगा. हम निश्चित उद्देश्य के लिए दो या तीन हफ्ते बाद फिर से बैठक बुलाएंगे. अब संसद की अगली बैठक की तारीख भी सामने आ गई है. संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं होगी. संसद के दोनों सदनों की बैठक 16 अप्रैल से फिर शुरू होगी. दोनों सदनों में 17 और अप्रैल को भी कार्यवाही चलेगी. संसद की इन तीन बैठकों के दौरान सरकार महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन बिल पारित कराएगी. यह एक तरह से बजट सत्र का ही एक्सटेंशन है.
संसद के चालू बजट सत्र के दौरान गुरुवार को एक वाकया ऐसा भी हुआ, जब स्पीकर ने मंत्री का नाम ले लिया और वह सदन में मौजूद ही नहीं थे. यह वाकया प्रश्नकाल के दौरान हुआ. भड़के स्पीकर ने संसदीय कार्य मंत्री से इसे नोट कर लेने को कहा और हिदायत भी दी कि ऐसा फिर कभी नहीं होना चाहिए. स्पीकर ने सदन में मंत्री की गैरमौजूदगी पर कड़ी नाराजगी जताई और फिर अगला प्रश्न ले लिया. दरअसल, हुआ ये कि लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) से जुड़े प्रश्न लिस्टेड थे. स्पीकर ओम बिरला ने इसके लिए सदस्य का नाम लेते हुए कहा कि क्वेश्चन नंबर 550, श्री जगदीश चंद्रा वर्मा वसुनिया. उन्होंने इसके बाद उत्तर देने के लिए कहा- माननीय मंत्री महोदय. स्पीकर के इतना बोलने के बाद भी कुछ देर तक शांति बनी रही और उत्तर देने के लिए कोई खड़ा नहीं हुआ.
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आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल राज्यसभा से पारित हो गया है. यह बिल एक दिन पहले ही लोकसभा से पारित हुआ था. इस बिल को आज गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने सदन में पेश किया. इस बिल को राज्यसभा से ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.
संसद के चालू बजट सत्र की कार्यवाही अनिश्चतकाल के लिए स्थगित होगी या एक निश्चित ब्रेक के बाद फिर से चलेगी, इसे लेकर अब स्थिति साफ हो गई है. सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा है कि दो-तीन हफ्ते बाद फिर से बैठक बुलाई जाएगी. उन्होंने महिला आरक्षण बिल का जिक्र करते हुए कहा कि हम निश्चित उद्देश्य के लिए फिर से बैठक बुलाएंगे, जिसकी जानकारी विपक्षी दलों को भी दी गई है. इस दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता सदन जेपी नड्डा के बीच तीखी तकरार भी देखने को मिली.
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संजय सिंह ने कहा कि आंध्र वालों को कहना चाहता हूं कि सत्ता की चाबी जब तक आपके हाथ में है, पूरा पैसा ले लेना. हिसाब किताब कर लेना. उन्होंने कहा कि अभी मंत्री जी कह रहे थे कि ममता दीदी को हमने बचाया. ममता दीदी बंगाल की शेरनी हैं, मुख्यमंत्री हैं, उनको आप नहीं बचा सकते. संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी का इतिहास जोड़तोड़ का रहा है. इनके इतिहास को याद रखिएगा, जब तक चाबी आपके हाथ में है, अमरावती के विकास का सारा धन ले लेना. विकास कर लेना.
लोकसभा में सीएपीएफ रेगुलेश बिल पर चर्चा शुरू हो गई है. यह बिल गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने पेश किया. इस पर विपक्ष के कुछ सदस्यों ने आपत्ति करते हुए कहा कि गृह मंत्री को यह बिल पेश करना चाहिए. इस पर स्पीकर ने कहा कि सदन नियम से चलेगा. कहां लिखा है कि राज्यमंत्री बिल पेश नहीं कर सकते.
राज्यसभा में गुरुवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों में तीखी तकरार देखने को मिली. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर भड़क गए, उनसे भिड़ गए. संजय सिंह पर भड़के किरेन रिजिजू ने कहा कि इनकी आदत बन गई है कि कुछ भी बोल देगा. ये क्या तरीका है. संसदीय कार्य मंत्री किरे रिजिजू ने कहा कि हमने इनको भी बहुत इज्जत के साथ बुलाया. उन्होंने कहा कि इनको भी तीन बार बुलाया. निमंत्रण देते हैं तो इनको आगे आना चाहिए. किरेन रिजिजू ने कहा कि हमने ऐसी सरकार भी देखी है, जो विपक्ष को पूछती नहीं थी. हम इज्जत दे रहे हैं, फिर भी ये इस तरह की राजनीति कर रहे हैं.
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लोकसभा में प्रश्नकाल, राज्यसभा में शून्यकाल समाप्त हो गए हैं. लोकसभा में अब लिस्टेड बिजनेस लिए जा रहे हैं. वहीं, राज्यसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही चल रही है.
संसद के बजट सत्र के अंतिम दिन तक यह साफ नहीं है कि कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाएगी. कई दिन से इसे लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है. अब विपक्ष ने संसद में इसे लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.
राज्यसभा में आज आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल और जन विश्वास बिल आएंगे. ये दोनों बिल एक दिन पहले ही लोकसभा से पारित हुए थे. राज्यसभा में इन दोनों बिल पर चर्चा के लिए क्रमशः दो घंटे और तीन घंटे का समय तय किया गया है. आज सदन में भोजनावकाश भी नहीं होगा.
लोकसभा में आज सीएपीएफ बिल आएगा. यह बिल गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने पहले राज्यसभा में पेश किया था. राज्यसभा से यह बिल एक दिन पहले ही पारित हो गया था. इस बिल पर वोटिंग के दौरान विपक्षी दलों के सदस्य वॉकआउट कर गए थे. विपक्ष की गैरमौजूदगी में यह बिल ध्वनिमत से पारित हो गया था.