'हम तो चूहा खाते हैं, आपके पास और हैं तो भेज दें...', मांझी ने तेजप्रताप को क्यों दिया ऐसा जवाब

तेजप्रताप यादव ने पूर्व सीएम मांझी के बेटे संतोष को लेकर जो तंज कसा है, उससे बिहार की राजनीति में एक बार फिर जाति हावी होने लगी है. असल में, तेजप्रताप यादव ने एक पॉडकॉस्ट में इंटरव्यू के दौरान कहा, 'जीतन राम मांझी के बेटे संतोष मांझी का आवास उनके आवास के बगल में है. वहां से बहुत चूहे आते हैं और ये चूहे उनकी उगाई सब्जियों को खा जाते हैं.'

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बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी (फाइल फोटो) बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 1:19 PM IST

बिहार में लालू यादव और जीतन राम मांझी के बीच जाति को लेकर जारी लड़ाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. दोनों नेताओं में मुसहर vs गड़ेरी को लेकर जो वार-पलटवार जारी था, वह फिर से तूड़ पकड़ गया है. दोनों की इस बयानबाजी के बीच मीसा भारती और तेजस्वी यादव की भी एंट्री हो गई थी, कुछ दिन मामला शांत रहा, लेकिन अब इसे फिर से हवा दे दी गई है. इस बार इस बयानबाजी के सूत्रधार बने हैं, लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव. 

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क्या बोले थे तेज प्रताप?
तेजप्रताप यादव ने पूर्व सीएम मांझी के बेटे संतोष को लेकर जो तंज कसा है, उससे बिहार की राजनीति में एक बार फिर जाति हावी होने लगी है. असल में, तेजप्रताप यादव ने एक पॉडकॉस्ट में इंटरव्यू के दौरान कहा, 'जीतन राम मांझी के बेटे संतोष मांझी का आवास उनके आवास के बगल में है. वहां से बहुत चूहे आते हैं और ये चूहे उनकी उगाई सब्जियों को खा जाते हैं. तेज प्रताप यादव ने बताया कि वह अपने आवास में सब्जियां लगवाते हैं,  मगर संतोष मांझी के घर से आने वाले चूहे उसे खा जाते हैं.'

अब इसके बाद, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव के बयान पर तीखा कटाक्ष किया है. उन्होंने आजतक से बातचीत में कहा कि यदि उनके घर में और चूहा है तो वह भेज दें. हम तो चूहा खाने वाले लोग हैं. 

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पहले भी बिहार में जाति पर हो चुका है घमासान
बता दें कि इससे पहले बीते सितंबर में भी बिहार में जाति की ल़़ड़ाई हावी रही थी. जब 19 सितंबर को मांझी ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, विपक्षी दलों के गुंडे हमारे घर, दरवाजों को तोड़ सकते पर हमारे लोगों का हौसला नहीं तोड़ सकते. घर जलाने वाले लोगों के संरक्षक लालू पाल (गरेड़ी) जी आप राजनीति के लिए अपनी जाति छुपा सकते हैं पर हम नहीं. हम गर्व से कहते हैं- “हम मुसहर हैं”. लालू जी में हिम्मत है तो वह भी कहकर दिखाएं कि हम गरेड़ी हैं. लालू जी! पूरे बिहार में दलितों के जमीन पर और मुसलमानों के क़ब्रिस्तानों पर किस पार्टी के समर्थकों का क़ब्जा रहा है यह सबको पता है. आपने और आपके लोगों ने बहुत दबा लिया हम लोगों को. अब करारा जवाब मिलेगा.

इसके बाद लालू और मांझी परिवार आमने-सामने आ गए थे. तब तेजस्वी यादव ने भी मांझी पर पलटवार किया था. इसके जवाब में जीतनराम मांझी ने कहा था, 'अगर तेजस्वी हमें शर्मा कहते हैं तो पहले वो अपने पिताजी (जाति) का बताएं. उसके पिताजी किसके जन्मे हुए हैं. वो तो गड़ेरिया के जन्मे हुए हैं तो लालू यादव गड़ेरिया हैं. यादव नहीं हैं. वहीं, आरजेडी चीफ लालू यादव ने मांझी के तंज पर सिर्फ एक लाइन में जवाब दिया और पूछा, वो मुसहर हैं? वो मुसहर हैं क्या?
 

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