सितंबर 2025 में 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) की रैली के दौरान करूर में मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी. अब इस घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपते समय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े.
अभिनेता से नेता बने विजय ने इस घटना को एक ना भरने वाला घाव बताया जो उनके दिल पर भारी बोझ की तरह बना हुआ है.
कार्यक्रम की तस्वीरों में विजय को पीड़ितों के परिवार के सदस्यों को गले लगाते हुए देखा गया, जो खामोशी से खड़े थे. सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय कई बार रुके, वे उस त्रासदी में जान गंवाने वालों को याद कर रहे थे जो TVK के चुनाव प्रचार अभियान की रैली के दौरान हुई थी, जिसमें हजारों समर्थक जुटे थे. मई में पद संभालने के बाद करूर का यह विजय का पहला आधिकारिक दौरा था.
वहीं, अपने भाषण के दौरान, विजय ने पिछली सरकार की आलोचना की और अधिकारियों द्वारा भीड़ प्रबंधन के तरीके पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस पर पूरा भरोसा था और घटना के बाद उन्होंने उनका धन्यवाद भी किया था, लेकिन उस भरोसे को उन नाकामियों ने तोड़ा जिनकी वजह से यह त्रासदी हुई.
उन्होंने DMK पर घटना से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि भगदड़ के बाद उन्हें करूर जाने से रोकने की कोशिशें की गई थीं.
सीएम ने कहा कि मुझे पुलिस पर पूरा भरोसा था और मैंने बैठक में उनका धन्यवाद भी किया था. मुझे उस ड्रामे के बारे में पता नहीं था. इसके लिए कौन जिम्मेदार है? किसके निर्देशों पर यह सब किया गया?
प्रभावित परिवारों को दी जा रही वेलफेयर और आर्थिक मदद के साथ-साथ, मुख्यमंत्री ने करूर जिले में 1,700 करोड़ रुपये के फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी. इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र में करीब 13,500 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है.
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