तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को उनके गढ़ में हराने वाले टीवीके उम्मीदवार वी.एस बाबू ने अपनी जीत का पूरा श्रेय पार्टी प्रमुख थलापति विजय के नेतृत्व और जनता द्वारा पूर्व सरकार को नकारने के फैसले को दिया है. बाबू ने साफ किया कि वह कोलाथुर में एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में काम करना जारी रखेंगे. हाईकमान के आदेशानुसार भविष्य की भूमिका तय करने वाले बाबू के पास दो दशक से अधिक का राजनीतिक अनुभव है.
कोलाथुर में जीत के बाद इंडिया टुडे/ आजतक से खास बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि आपकी जीत सामान्य जीत नहीं है. इस बारे में आप क्या कहना चाहेंगे? तो उन्होंने कहा, इस जीत का पूरा श्रेय हमारे नेता टीवीके प्रमुख थलपति विजय को जाता है और में उन्हीं की वजह से जीता हूं.
बातचीत में उन्होंने अपनी जीत को लोगों की जरूरत बताते हुए कहा कि लोगों को बदलाव की जरूरत थी और लोग थलपति को बदलाव के रूप में देख रहे थे. उन्होंने मुझे उम्मीदवार चुना और मैं जीत गया.
जब उनसे ये पूछा गया कि आपने एक मुख्यमंत्री को हराया है तो उन्होंने कहा कि मैं उन्हें अच्छी तरह जानता हूं, विजय की जितनी प्रशंसा की जाए कम है.
क्या आप मंत्री बनेंगे?
इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने गेंद को हाईकमान के पाले में डाल दिया. उन्होंने कहा कि हाई कमान जो भी कहेगा, वही अंतिम फैसला होगा.
क्या आप पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन से कुछ कहना चाहते हैं?
इस पर वीएस बाबू ने कहा, 'मैं उनसे कुछ नहीं कहना चाहता. लोगों को उनका काम पसंद नहीं आया, इसलिए उन्हें घर भेज दिया गया. थलपति ने मुझे कार्यकर्ता के रूप में काम करने के लिए कहा है और मैं कोलाथुर में कार्यकर्ता के रूप में घूमूंगा.'
कौन हैं वीएस बाबू
वीएस बाबू राजनीति के अनुभवी और मंझे हुए खिलाड़ी हैं और पूर्व में द्रमुक (DMK) के सदस्य रह चुके हैं. उन्होंने साल 2006 में पुरासावलकम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता था और 2011 तक विधायक रहे. उस वक्त उन्होंने अन्नाद्रमुक उम्मीदवार को 90,000 से अधिक वोटों से हराया था.
7 फरवरी 2026 को उन्होंने टीवीके (TVK) जॉइन की और थलापति विजय के नेतृत्व में कोलाथुर से चुनाव लड़ा. 2026 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके पास ₹3.7 करोड़ की संपत्ति है. दो दशकों का अनुभव रखने वाले बाबू अब टीवीके के प्रमुख चेहरों में से एक बन गए हैं.
चुनाव आयोग के अनुसार, कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में टीवीके उम्मीदवार वी. एस. बाबू ने डीएमके उम्मीदवार एमके स्टालिन को 8,795 वोटों के अंतर से हरा दिया. बाबू को 82,997 वोट मिले और स्टालिन को 74,202 वोट प्राप्त हुए.
प्रमोद माधव