तमिलनाडु सरकार में पहले ही दिन रार, सीएम विजय से इस बात पर नाराज हो गई सहयोगी पार्टी

तमिलनाडु में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में 'वंदे मातरम' को 'तमिल थाई वलथु' से पहले बजाने को लेकर विवाद हो रहा है. इसे लेकर सत्तारूढ़ टीवीके के सहयोगी दल VCK ने भी CM विजय को घेर लिया है. VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने इसे परंपरा का उल्लंघन बताया और उनकी विचारधारा पर सवाल खड़े कर दिए.

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VCK ने 'वंदे मातरम' पहले बजाने पर विजय से सफाई मांगी. (Photo- ITGD) VCK ने 'वंदे मातरम' पहले बजाने पर विजय से सफाई मांगी. (Photo- ITGD)

अपूर्वा जयचंद्रन

  • चेन्नई,
  • 11 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:53 AM IST

तमिलनाडु में नई सरकार बने अभी एक दिन ही हुआ है और अभी से ही टीवीके और उसके सहायक दलों के बीच मतभेद शुरू हो गए हैं. विजय की पार्टी को समर्थन देने वाली VCK के चीफ थोल थिरुमावलवन ही थलपति विजय की निंदा करते दिख रहे हैं. 

थिरुमावलवन ने शपथ ग्रहण समारोह में पहले 'वंदे मातरम' गाने को लेकर विजय की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि परंपरा के मुताबिक, तमिलनाडु के सरकारी कार्यक्रमों में 'तमिल थाई वलथु' सबसे पहले गाया जाता है. 

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वीसीके चीफ ने आपत्ति जताते हुए कहा कि लेकिन विजय के समारोह में सबसे पहले 'वंदे मातरम' बजाया गया. इसके बाद राष्ट्रगान हुआ. फिर 'तमिल थाई वलथु' गाया गया. उन्होंने पूछा, 'क्या गवर्नर की इच्छा के मुताबिक ऐसा किया गया या शायद सिर्फ उन्हें खुश करने के लिए.'

'वंदे मातरम' को तरजीह देने पर जताई आपत्ति

VCK प्रमुख ने विजय की पार्टी TVK की विचारधारा पर भी सवाल उठाए और सफाई भी मांगी. उन्होंने कहा, 'वंदे मातरम जैसे गीत को, जिस पर अक्सर धार्मिक रंग के आरोप लगते हैं, शपथ ग्रहण में तरजीह देना चिंताजनक है. इस हरकत से उन सहयोगी दलों को भी आलोचना झेलनी पड़ रही है जिन्होंने विजय का साथ दिया. इससे समर्थकों के बीच बेचैनी पैदा हुई है.'  उन्होंने कहा, 'सीएम को बताना चाहिए कि क्या भविष्य में भी वंदे मातरम को ही तरजीह दी जाएगी या तमिल राज्य गीत को उसका पुराना सम्मान वापस मिलेगा.'

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'10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज' वाली टिप्पणी पर भी की निंदा

वहीं, मुख्यमंत्री विजय ने पद संभालते ही कहा था कि पिछली सरकार ने तमिलनाडु पर 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ा है और खजाना खाली कर दिया है. इस पर पलटवार करते हुए थिरुमावलवन ने कहा कि सिर्फ कर्ज के कुल आंकड़ों को दिखाना लोगों में डर पैदा करने की कोशिश है. 

थिरुमावलवन के मुताबिक, 'कर्ज का आकलन हमेशा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) के अनुपात में किया जाना चाहिए. तमिलनाडु का कर्ज अभी भी 15वें वित्त आयोग की तय सीमा के भीतर है. सिर्फ आंकड़े बताकर डराना किसी राजनीतिक मकसद को पूरा करने जैसा है.'

यह भी पढ़ें: थलपति विजय के शपथ समारोह में भीड़ में फंसीं तृषा कृष्णन, मची अफरा-तफरी, ऐसे संभाली सिचुएशन

CM विजय की तीन घोषणाओं को सराहा

हालांकि, थिरुमावलवन ने मुख्यमंत्री विजय की तीन शुरुआती घोषणाओं का स्वागत किया. इनमें नशामुक्ति के उपाय, महिला सुरक्षा और 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की बात शामिल है. उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वो तमिलनाडु की जनता को ये भरोसा दिलाएं कि उनकी सरकार पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष रहेगी. 

उन्होंने कहा कि 'बदलाव' के नारे के साथ सत्ता में आए विजय को अब अपनी बातों को साफ करना चाहिए ताकि सहयोगियों और जनता के मन में कोई शक न रहे.

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