'बचकानी हरकत कर रही बीजेपी, मैं तो समोसे खाता भी नहीं...', सीएम सुक्खू ने 'समोसा कांड' पर दी सफाई

हिमाचल में 'समोसा कांड' के तूल पकड़ने के बाद शुक्रवार को सीएम सुक्खू से आजतक से बातचीत में कहा कि, 'बीजेपी बचकाना हरकत कर रही है.  मुझे तो पता भी नहीं था कहां से समोसे आए हैं, मैं समोसे खता नहीं. उन्होंने कहा कि, जहां तक आर्थिक परिस्थिति की बात है तो हिमाचल प्रदेश ही ऐसा राज्य है, जिसने एकसाथ 3 महीने की सैलरी दी है.

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हिमाचल के समोसा कांड की सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा हो रही है. (File Photo Of CM sukhvinder singh sukhu) हिमाचल के समोसा कांड की सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा हो रही है. (File Photo Of CM sukhvinder singh sukhu)

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 08 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 5:49 PM IST

आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश में 'समोसा' चर्चा में बना हुआ है. सवाल उठ रहे हैं कि 'समोसे आए थे तो कहां गए' और कहा जा रहा है कि प्रदेश सरकार ने इसी सवाल का जवाब जानने के लिए जांच तक बिठा दी. इन्हीं मामलों पर सरकार घिर रही है तो हिमाचल प्रदेश के सीएम ने कहा है कि 'मैं तो समोसे खाता ही नहीं, मुझे तो पता भी नहीं था कहां से समोसे आए हैं' उन्होंने इसे लेकर बीजेपी पर पलटवार किया है. 

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क्या बोले मुख्यमंत्री?
हिमाचल में 'समोसा कांड' के तूल पकड़ने के बाद शुक्रवार को सीएम सुक्खू से आजतक से बातचीत में कहा कि, 'बीजेपी बचकाना हरकत कर रही है.  मुझे तो पता भी नहीं था कहां से समोसे आए हैं, मैं समोसे खता नहीं. उन्होंने कहा कि, जहां तक आर्थिक परिस्थिति की बात है तो हिमाचल प्रदेश ही ऐसा राज्य है, जिसने एकसाथ 3 महीने की सैलरी दी है. वहीं उन्होंने पीएम मोदी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि, 'गांधी परिवार ने हमेशा देश के लिए काम किया है , इंदिरा गांधी राजीव गांधी देश के लिए शहीद हुए. ये पीएम सिर्फ़ गांधी परिवार पर हमला करने का काम करते हैं. भाजपा ऐसे मुद्दे बनाते हैं ये सही नहीं है.

सीबीआई जांच के नहीं दिए गए आदेशः सीएम के मीडिया सलाहकार
वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने 'समोसा विवाद' पर सफाई देते हुए कहा, 'इस मामले में कोई सीबीआई जांच का आदेश नहीं दिया गया है. मुख्यमंत्री पुलिस मुख्यालय में सीआईडी के एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गए थे. वे स्वास्थ्य कारणों से बाहर का खाना नहीं खाते हैं. सीआईडी ने विभागीय स्तर पर उन खाद्य सामग्रियों के बारे में आंतरिक जांच की है, जो उन्होंने मंगवाई थीं. सरकार ने कोई सीआईडी जांच शुरू नहीं की है.'

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उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "कोई भी राज्य की छवि को खराब न करे. विपक्ष अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव और हिमाचल में अपनी आंतरिक सत्ता की लड़ाई के चलते यह मुद्दा उठा रहा है. चूंकि यह सीआईडी का कार्यक्रम था, इसलिए सीआईडी इस मुद्दे में जुड़ी है और अपनी विभागीय जांच कर रही है."

क्या है समोसा कांड की पूरी कहानी...
हुआ यूं था कि, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 अक्टूबर को CID ​​मुख्यालय पहुंचे थे. यहां पर उनके लिए तीन बॉक्सेज में समोसे और केक मंगवाए गए थे. लेकिन हुआ यूं कि ये फूड आइटम्स सीएम के पास पहुंचने के बजाय सुरक्षाकर्मियों को सर्व कर दिया गया. इसके बाद इस पूरे मामले पर सीआईडी जांच बैठाई गई. सीआईडी ​​ने जांच की है कि किसकी गलती से मुख्यमंत्री के लिए लाए गए समोसे और केक सीएम के स्टाफ को परोसे गए. जांच रिपोर्ट पर एक सीनियर अधिकारी ने लिखा- यह कृत्य 'सरकार और सीआईडी ​​विरोधी' है. 21 अक्टूबर को सीएम एक कार्यक्रम के लिए सीआईडी ​​मुख्यालय गए थे. सीएम की जगह गलती से समोसे और केक सीएम के स्टाफ को परोसे गए.'

'यह CID ​​का आंतरिक मामला' 
समोसा विवाद पर डीजी सीआईडी ​​संजीव रंजन ने कहा, मुख्यमंत्री हमारे एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे. जब कार्यक्रम खत्म हुआ तो अधिकारी बैठकर चाय पी रहे थे और किसी ने पूछा कि कुछ सामान लाया गया था, उसका क्या हुआ, पता करो. बस इतना ही था." उन्होंने आगे कहा कि यह पूरी तरह से CID ​​का आंतरिक मामला है. यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और इसका राजनीतिकरण किया गया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों का इससे कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और कोई नोटिस भी जारी नहीं किया गया है.

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बीजेपी ने क्या कहा था? 
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने गुरुवार को यहां जारी बयान में कहा, "राज्य सरकार को सूबे के विकास की कोई चिंता नहीं है और उसकी एकमात्र चिंता 'मुख्यमंत्री का समोसा' है." उन्होंने कहा कि सुक्खू के लिए लाए गए समोसे से जुड़ी हालिया घटना ने विवाद को जन्म दिया है. उन्होंने कहा कि जांच में इस गलती को "सरकार विरोधी" कृत्य बताया गया, जो कि बहुत बड़ा शब्द है. बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि यह घटना हिमाचल प्रदेश के सियासी हलकों में चर्चा का मुद्दा बन गई है. वास्तव में मुख्यमंत्री जैसे VVIP से जुड़े कार्यक्रम में इस तरह की समन्वय समस्याओं के कारण सरकारी मशीनरी शर्मिंदा है. वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कमेटी समोसे पर नहीं, गलत व्यवहरा पर बनाई गई थी.

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