'महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन असली मुद्दा', चुनाव के बीच संसद सत्र बुलाने पर सोनिया गांधी ने उठाए सवाल

सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण, परिसीमन और जाति जनगणना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने संसद के विशेष सत्र को चुनाव प्रचार के बीच बुलाने पर सवाल उठाए हैं. सोनिया ने इसे लेकर सरकार पर राजनीतिक लाभ कमाने का आरोप लगाया है.

Advertisement
सोनिया गांधी ने सरकार पर 'राजनीतिक लाभ' का आरोप लगाया. (Photo: ITGD) सोनिया गांधी ने सरकार पर 'राजनीतिक लाभ' का आरोप लगाया. (Photo: ITGD)

राहुल गौतम

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:07 AM IST

कांग्रेस की दिग्गज नेता सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण, 'परिसीमन' और 'जाति जनगणना' को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने संसद के विशेष सत्र के समय और मंशा पर हमला बोला हैं. सोनिया ने सवाल उठाया कि ये सत्र ऐसे समय में क्यों बुलाया जा रहा है जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान अपने चरम पर है.

Advertisement

'द हिंदू' में लिखे अपने एक आर्टिकल में सोनिया गांधी ने लिखा कि प्रधानमंत्री विपक्षी दलों से उन विधेयकों का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं, जिन्हें सरकार संसद के विशेष सत्र में पारित करना चाहती है. 

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के बीच सत्र बुलाने को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि इस जल्दबाजी का मकसद राजनीतिक लाभ उठाना और विपक्ष को डिफेंसिव स्थिति में डालना है.

महिला आरक्षण और 'यू-टर्न'

सोनिया गांधी ने याद दिलाया कि सितंबर 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया गया था. इसमें प्रावधान था कि महिला आरक्षण अगली जनगणना और परिसीमन के बाद ही लागू होगा. अब सरकार अचानक आर्टिकल 334-A में संशोधन करके इसे 2029 से ही इसे लागू करने की बात क्यों कर रही है? 

उन्होंने पूछा, 'प्रधानमंत्री को ये यू-टर्न लेने में 30 महीने क्यों लगे? और वो विशेष सत्र के लिए कुछ सप्ताह और इंतजार क्यों नहीं कर सकते?'

Advertisement

यह भी पढ़ें: महिला आरक्षण बिल को लेकर बीजेपी एक्टिव, सांसदों को जारी किया तीन लाइन का व्हिप

जनगणना और जाति जनगणना में देरी  पर सवाल

सोनिया गांधी ने बताया कि 2021 की जनगणना पांच साल से देरी से चल रही है. इस देरी की वजह से लगभग 10 करोड़ लोग फूड सिक्योरिटी कानून के तहत अपने लाभों से वंचित रह गए हैं. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि सरकार अब 2027 की जनगणना के साथ प्रस्तावित 'जाति जनगणना' को भी टालने या पटरी से उतारने की कोशिश कर रही है.

कांग्रेस नेता ने पूछा कि बिहार और तेलंगाना ने छह महीने में जाति सर्वेक्षण पूरा किया है, तो केंद्र इसमें देरी क्यों कर रहा है?

परिसीमन: राज्यों के अधिकारों पर हमला

सोनिया गांधी ने परिसीमन के मुद्दे को सबसे संवेदनशील बताया. उन्होंने कहा कि लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए किया जाने वाला कोई भी परिसीमन सिर्फ 'अंकगणितीय' नहीं, बल्कि 'राजनीतिक रूप से न्यायसंगत' होना चाहिए. उन्होंने चिंता जताई कि जिन राज्यों ने परिवार नियोजन में बेहतर काम किया है (जैसे दक्षिण भारतीय राज्य) और जो छोटे राज्य हैं, उन्हें परिसीमन के कारण नुकसान नहीं होना चाहिए. उन्होंने इसे संविधान पर हमला करार दिया.

ओबीसी आरक्षण की मांग

अपने आर्टिकल में सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं की तरह ही अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाओं के लिए भी आरक्षण के प्रावधान की मांग की. उन्होंने सवाल किया कि जब हाई एजुकेशन और नौकरियों में ओबीसी आरक्षण है, तो संसद में क्यों नहीं?

Advertisement

यह भी पढ़ें: ईरान पर भारतीय रूखः सोनिया गांधी को विदेश नीति की चिंता है या कांग्रेस के वोट बैंक की?

'लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन...'

सोनिया गांधी ने सरकार की प्रक्रिया को 'गलत और अलोकतांत्रिक' बताया. उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को 29 अप्रैल के बाद सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और इन प्रस्तावों पर मानसून सत्र में चर्चा करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुद्दा महिला आरक्षण नहीं है, क्योंकि वो पहले ही तय हो चुका है. असली मुद्दा परिसीमन है जो बहुत खतरनाक है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement