बारिश की आस और सूखे की मार....इन दो राज्यों को 1,043.23 करोड़ की मदद देगी केंद्र सरकार

सूखे की मार झेल रहे राजस्थान और नागालैंड को केंद्र सरकार की तरफ से मदद दी जाएगी. दोनों राज्यों को NDRF के तहत अतिरिक्त फंड दिए जाएंगे. अमित शाह ने मीटिंग कर ये फैसला लिया है.

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सूखे का संकट सूखे का संकट

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2022,
  • अपडेटेड 4:25 PM IST
  • सूखे से परेशान चल रहे हैं राजस्थान और नागालैंड
  • जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की चिंताजनक रिपोर्ट

देश में मानसून दो महीने के अंदर दस्तक दे देगा. कुछ राज्यों में तो अभी से बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. लेकिन कुछ राज्य ऐसे भी हैं जो बारिश की आस में लंबा इंतजार कर रहे हैं. वहां पर सूखे की स्थिति पैदा हो गई है. राजस्थान और नागालैंड दो ऐसे ही राज्य हैं जहां पर सूखे की वजह से बड़ा संकट खड़ा हो गया है. इन दोनों राज्य को संकट से बाहर निकालने के लिए केंद्र सरकार ने एक प्लान तैयार किया है.

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गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि राजस्थान को 1,003.95 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी और नागालैंड को भी 39.28 करोड़ की मदद की जाएगी. नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड (NDRF) के जरिए दोनों ही राज्यों को ये आर्थिक मदद देने की तैयारी है. यहां ये जानना भी जरूरी हो जाता है कि State Disaster Response Funds (SDRF) के द्वारा दिए जा रहे फंड से इतर ये मदद केंद्र द्वारा इन दोनों राज्यों की जा रही है. आंकड़े बताते हैं कि 2021-22 में SDRF के तहत 28 राज्यों को 17,747.20 करोड़ रुपये दिए गए थे. वहीं NDRF की मदद से 11 राज्यों को 7,342.30 करोड़ रुपये दिए गए.

वैसे संयुक्त राष्ट्र ने पूरी दुनिया के लिए जलवायु परिवर्तन पर एक रिपोर्ट जारी की है. उस रिपोर्ट में कई चिंता वाली बातों पर जोर दिया गया है. बताया गया है कि कई विकासशील देश आने वाले समय में सूखे से ग्रस्त होने वाले हैं. भारत भी क्योंकि कृषि प्रधान देश है और यहां पर बारिश पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता रहती है, ऐसे में कुछ राज्यों में सूखे का संकट ज्यादा बड़ा बन सकता है. इस लिस्ट में राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं. गुजरात, यूपी और तमिलनाडु के कुछ हिस्से भी सूखे से ज्यादा प्रभावित रह सकते हैं. जल शक्ति मंत्रालय भी ये मान चुका है कि वर्तमान में भी देश का लगभग 68 प्रतिशत हिस्सा अलग-अलग स्तरों पर सूखे का संकट झेल रहा है.

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