गुरुवार को लोकसभा में वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने नेहरू की विरासत और अपने पिता को जिक्र किया, उन्होंने मोदी-शाह पर कटाक्ष किया और महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए तीखे प्रहार भी किए. अपने भाषण के जरिए उन्होंने यह दिखाया कि बिना कटुता और नाम लेकर हमले किए भी मजबूती से बात रखी जा सकती है, जो आज की ध्रुवीकृत राजनीति में कम देखने को मिलता है.
इसका नतीजा यह रहा कि गृह मंत्री अमित शाह भी उनके भाषण पर हंस पड़े, विपक्षी बेंचों में जोश भर गया और राहुल गांधी ने भी उनकी सराहना की.
जब प्रियंका गांधी सदन में आईं, एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने बताया कि वह अपने भाषण की तैयारी के साथ कागजों पर मुख्य बिंदु अंकित करके आई थीं. सूत्रों के मुताबिक वह सटीक आंकड़ों और तथ्यों के लिए ही कागजों का सहारा लेती हैं.
अपने भाषण की शुरुआत में ही उन्होंने सत्ता पक्ष पर कटाक्ष किया, जो अक्सर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की गलतियों का जिक्र करते है. उन्होंने कहा हो सकता है कि आपको यह पसंद न आए, लेकिन 1928 में मोतीलाल नेहरू ने महिलाओं के लिए 19 मौलिक अधिकारों की सूची तैयार की थी, जिसे कांग्रेस की वर्किंग कमेटी को सौंपा गया था. उन्होंने कहा कि यहीं से महिलाओं के समान अधिकार की सोच भारतीय राजनीति का हिस्सा बनीं.
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ओबीसी महिलाओं के अधिकारों से समझौता किया जा रहा है, और प्रस्तावित परिसीमन आयोग की संरचना सरकार के पक्ष में झुकी हुई है. यह सब प्रियंका गांधी ने मुस्कुराते हुए लेकिन बेहद धारदार अंदाज में कहा.
फ्रेम में नजर आए केवल पुरुष
संसद टीवी के प्रसारण में महिला सांसद और महिला विजिटर मुख्य फोकस पर थीं, क्योंकि कई पार्टियों ने तीन विधेयकों पर बोलने के लिए महिला सांसदों को चुना था.
लेकिन प्रियंका गांधी ने जब बोलना शुरू किया तो उनके फ्रेम में पुरुष ही नजर आए. उनके साथ में दीपेंद्र हुड्डा थे और पीछे शफी परम्बिल, हिबी ईडन और कई सांसद थे. इस बारे में पूछने पर एक वरिष्ठ कांग्रेस सांसद ने बताया कि प्रियंका को दोपहर में दूसरे वक्ता के तौर पर बोलना था, तब उनके पीछे की सीटों पर महिला सांसद बैठी थीं. एक पुरुष सांसद ने मजाक में कहा था, "आपने तो रिजर्वेशन से पहले ही हमारी जगह ले ली.” लेकिन बोलने का क्रम बदल गया और जब उन्होंने शाम को भाषण दिया, तब सदन में ज्यादातर पुरुष सांसद थे.
प्रियंका गांधी ने लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए उन्हें ‘चाणक्य’ कहा, जो एक महान दार्शनिक और राजनीतिक रणनीतिकार थे. उन्होंने कहा कि आज की राजनीति में चतुराई बुरी बात नहीं है, बल्कि विपक्ष को भी यह कला सीखनी चाहिए, और अमित शाह तो आज की चुनावी राजनीति में चाणक्य को भी सिखा सकते हैं.
इस टिप्पणी पर शाह भी हंस पड़े. इसका असर यह हुआ कि प्रियंका के बाद बोलने आए अमित शाह ने उनके आरोपों का जवाब अपेक्षाकृत नरम अंदाज में दिया और इस बार व्यक्तिगत हमलों से बचते नजर आए. भाषण के बाद कई विपक्षी सांसदों ने प्रियंका गांधी को बधाई दी,कुछ ने व्यक्तिगत रूप से तो कुछ ने फोन पर. लेकिन माना जा रहा है सबसे बड़ी तारीफ उनके भाई राहुल गांधी ने की.
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने का फैसला कम्प्लीटली पजल्ड
कांग्रेस ने गुरुवार को सरकार के सितंबर 2023 में पास हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने के फैसले को पूरी तरह विचित्र बताया है. कांग्रेस का कहना है कि इसमें संशोधनों पर अभी बहस चल रही है और लोकसभा में वोटिंग होनी है.
कानून मंत्रालय के नोटिफिकेशन का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने इसे कम्प्लीटली पजल्ड बताया. उन्होंने कहा, “सितंबर 2023 में पास हुआ ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ आज लागू हो गया, जबकि इसमें संशोधन पर अभी बहस चल रही है और कल इस पर वोटिंग होनी है, यह पूरी तरह समझ से परे है."
राहुल गौतम