देश के हर नागरिक को कैसे लगेगी कोरोना की वैक्सीन, पीएम मोदी ने की समीक्षा

पीएम मोदी ने गुरुवार को देश में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई की रणनीति की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने यह भी जाना कि भारत में वैक्सीन का भंडारण और वितरण किस तरह किया जाएगा.

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पीएम मोदी ने कोरोना के खिलाफ तैयारियों की समीक्षा की (फाइल फोटो) पीएम मोदी ने कोरोना के खिलाफ तैयारियों की समीक्षा की (फाइल फोटो)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 7:47 PM IST
  • पीएम मोदी ने कोरोना के खिलाफ तैयारियों की समीक्षा की
  • समीक्षा बैठक में शामिल हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन
  • समीक्षा बैठक में वैक्सीन डेवलपर्स के काम की तारीफ हुई

देश में कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. देश में संक्रमित मामलों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. हालांकि अब इलाज के बाद ठीक होने वाले लोगों की संख्या भी काफी ज्यादा हो चुकी है. लेकिन फिर भी वायरस का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है. ऐसे में कोरोना वैक्सीन का इंतजार हर किसी को है. ताजा जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने देश में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई की रणनीति की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने यह भी जाना कि भारत में वैक्सीन का भंडारण और वितरण किस तरह किया जाएगा.

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बताया जा रहा है कि पीएम मोदी कोरोना महामारी के खिलाफ चल रही रिसर्च और वैक्सीन डवलेपमेंट के इकोसिस्टम का रिव्यू किया. इसके साथ ही पीएम मोदी टेस्टिंग टेक्निक, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, दवाइयों और इलाज के तरीकों की भी समीक्षा की. जानकारी के मुताबिक इस समीक्षा बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य), प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, कई वरिष्ठ वैज्ञानिक और तमाम अन्य अधिकारी शामिल हुए थे.

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ने भारतीय वैक्सीन डेवलपर्स और निर्माताओं द्वारा कोविड-19 चुनौती के खिलाफ खड़े होने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की, और कहा कि वे ऐसे सभी प्रयासों के लिए सरकारी सुविधा और समर्थन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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प्रधानमंत्री ने इस दौरान वैक्सीन के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के व्यापक वितरण तंत्र का जायजा भी लिया. इसमें पर्याप्त खरीद के लिए व्यवस्था, और थोक-भंडार के लिए टेक्नॉलजी, वितरण के लिए शीशियों को भरना और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करना जैसे चरण शामिल रहे.

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पीएम मोदी ने बैठक में यह भी निर्देश दिया कि सीरो-सर्वेक्षण और परीक्षण दोनों को बढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि नियमित रूप से, तेजी से और सस्ते में परीक्षण करने की सुविधा सभी को जल्द से जल्द उपलब्ध होनी चाहिए. इस दौरान प्रधानमंत्री ने पारंपरिक चिकित्सा उपचारों के निरंतर और कठोर वैज्ञानिक परीक्षण और सत्यापन की आवश्यकता को भी महत्वपूर्ण बताया. इसके साथ ही उन्होंने इस कठिन समय में साक्ष्य आधारित अनुसंधान करने और विश्वसनीय समाधान प्रदान करने के लिए आयुष मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की.

इस दौरान पीएम मोदी ने न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए टेस्टिंग, वैक्सीन और दवा के लिए लागत प्रभावी, आसानी से उपलब्ध और स्केलेबल समाधान प्रदान करने के लिए देश के संकल्प को दोहराया. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने महामारी के खिलाफ निरंतर सतर्कता और उच्च स्थिति की तैयारी का आह्वान किया.

 

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