पंचायत चुनाव: बंगाल के 696 बूथों पर शांतिपूर्ण ढंग से हुआ पुनर्मतदान, राष्ट्रपति और अमित शाह से मिले राज्यपाल

छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़कर 19 जिलों के 696 बूथों पर पुनर्मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया. शाम 5 बजे तक 69.85 प्रतिशत ने मतदान दर्ज किया गया. दरअसल, सुबह 7 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच पुनर्मतदान शुरू हुआ और प्रत्येक बूथ पर राज्य पुलिस के अलावा कम से कम चार केंद्रीय बल के जवान तैनात थे.

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मुर्शिदाबाद के एक बूथ पर आज हो रहे पुनर्मतदान के लिए लगी वोटरों की लाइन (फोटो- ANI) मुर्शिदाबाद के एक बूथ पर आज हो रहे पुनर्मतदान के लिए लगी वोटरों की लाइन (फोटो- ANI)

राजेश साहा / ऋत्तिक मंडल

  • कोलकाता,
  • 10 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 11:01 PM IST

पश्चिम बंगाल में शनिवार को पंचायत चुनाव के दौरान हुई जबरदस्त हिंसा के बाद सोमवार को राज्य के 696 बूथों पर फिर से मतदान (पुनर्मतदान) हुआ. छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़कर 19 जिलों के 696 बूथों पर पुनर्मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया. शाम 5 बजे तक 69.85 प्रतिशत ने मतदान दर्ज किया गया. दरअसल, सुबह 7 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच पुनर्मतदान शुरू हुआ और प्रत्येक बूथ पर राज्य पुलिस के अलावा कम से कम चार केंद्रीय बल के जवान तैनात थे.

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अधिकारियों ने बताया कि मतपेटियां समय पर नहीं पहुंचने के कारण कुछ बूथों पर मतदान देर से शुरू हुआ. इन बूथों को मतदान पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया गया. पुनर्मतदान में डाले गए वोटों सहित वोटों की गिनती 11 जुलाई को होगी. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया, "जिन जिलों में पुनर्मतदान हुआ, वहां से कोई बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं आई. कुछ छिटपुट घटनाएं हुईं और उन्हें पुलिस ने प्रबंधित कर लिया."

वहीं पुलिस ने बताया कि नादिया जिले के तेहट्टा उपमंडल में मतदान के लिए कतार में खड़े होने के दौरान हृदय गति रुकने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. मालदा में, स्थानीय लोगों ने गाज़ोल ब्लॉक के रानीगंज पंचायत के दोगाची में एक बूथ को अवरुद्ध कर दिया, जिससे पुनर्मतदान रोक दिया गया, जिसे बाद में शुरू कराया गया. शनिवार को भी मतदान नहीं हो सका, क्योंकि स्थानीय लोगों ने एक सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था. 

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पुनर्मतदान पर टिप्पणी करते हुए, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि भाजपा ने एसईसी को 6,000 बूथों की सूची सौंपी थी, जहां वह फिर से चुनाव चाहती थी. टीएमसी के इशारे पर 18,000 बूथों पर गलत वोटिंग हुई. हम और सबूत इकट्ठा कर रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया, "राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा ने स्पष्ट रूप से हमारी सूची को नजरअंदाज कर दिया, लेकिन हम आश्चर्यचकित नहीं हैं. पुनर्मतदान के लिए एसईसी द्वारा अचानक घोषित बूथों की सूची टीएमसी द्वारा प्रस्तुत की गई थी."

राष्ट्रपति और अमित शाह से मिले राज्यपाल

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. इससे पहले दिन में बोस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें दो दिन पहले पंचायत चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के बारे में अवगत कराया. राष्ट्रपति कार्यालय ने बैठक की तस्वीरों के साथ ट्वीट किया, "पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की."

राज्य में अबतक 37 लोगों की मौत

जानकारी के मुताबिक, बंगाल में पंचायत चुनाव को लेकर अबतक राज्य में 37 लोगों की मौत हो चुकी है. केवल शनिवार को टीएमसी के 11 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है. इसके अलावा बीजेपी के तीन, कांग्रेस के तीन, सीपीआईएम के दो कार्यकर्ताओं की जान गई है. हिंसा की ये वारदातें मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, पूर्वी बर्दवान, मालदा, नादिया, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना में हुई हैं.

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चुनावी हिंसा पर रिपोर्ट सौंपने दिल्ली पहुंचे राज्यपाल

बंगाल के राज्यपाल चुनावी हिंसा पर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस रविवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां उनके केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने और राज्य में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा पर एक रिपोर्ट सौंपने की संभावना है. 

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