'एक देश-एक चुनाव' पर ली जाएगी आम जनता की राय, JPC की मीटिंग में फैसला

हाल ही में "एक देश, एक चुनाव" (ONOP) के मुद्दे पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक संपन्न हुई. समिति ने जनता की राय लेने के लिए अखबारों में विज्ञापन देने की योजना बनाई है. इसके लिए एक वेबसाइट भी बनाई जाएगी.

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एक देश-एक चुनाव पर दिया जाएगा विज्ञापन एक देश-एक चुनाव पर दिया जाएगा विज्ञापन

पीयूष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 9:25 PM IST

'एक राष्ट्र, एक चुनाव' (ONOP) पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक हाल ही में संपन्न हुई. इस बैठक की अध्यक्षता पीपी चौधरी ने की. बैठक के दौरान पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेमन ने अपनी रिपोर्ट पेश की, और प्रेजेंटेशन दिए. समिति ने इस मुद्दे पर जनता की राय लेने की योजना बनाई है और इसके लिए अखबारों में विज्ञापन भी दिए जाएंगे.

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पीपी चौधरी ने बताया, "यह बताते हुए मुझे खुशी हो रही है कि विभिन्न दलों के सांसदों ने अपनी जिज्ञासाएं जाहिर कीं और कई सवाल पूछे. समिति के सदस्य राष्ट्रीय हित में काम कर रहे हैं और वे पार्टी लाइनों से ऊपर उठकर चर्चा कर रहे हैं."

यह भी पढ़ें: 'एक देश-एक चुनाव'... JPC सदस्यों को सूटकेस में सौंपी गई 18 हजार पन्नों की रिपोर्ट, बिल पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति

समिति का उद्देश्य है कि इस विषय पर जनता की राय ली जाए. इसके लिए, JPC आगामी दिनों में और विशेषज्ञों को वार्ता के लिए बुलाने की योजना बना रही है. चौधरी ने आश्वासन दिया कि सभी सदस्यों की शंकाएं दूर की जा रही हैं और उनके सवालों के जवाब भी दे रही है.

अखबारों और मीडिया आउटलेट्स में दिए जाएंगे विज्ञापन

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जनता की राय और सुझाव हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में, JPC ने विभिन्न अखबारों और मीडिया आउटलेट्स में विज्ञापन देने की योजना बनाई है. इन विज्ञापनों के माध्यम से, एक क्यूआर कोड भी प्रदान किया जाएगा, ताकि लोग सीधे वेबसाइट पर जाकर अपनी राय जाहिर कर सकें.

यह भी पढ़ें: 'एक देश-एक चुनाव' पर सौंपी गई 18 हजार पन्नों की रिपोर्ट

ONOP के लिए बनाई जाएगी वेबसाइट

समिति ने घोषणा की है कि एक विशेष वेबसाइट शुरू की जा रही है, जहां न सिर्फ संबंधित पक्ष बल्कि आम जनता भी अपनी राय दे सकेगी. यह मंच सभी लोगों को आमंत्रित करता है कि वे इस मुद्दे पर अपनी राय और सुझाव साझा करें. समिति की अगली बैठक 17 मार्च को होगी. इस बीच, यह उम्मीद की जा रही है कि जमीनी स्तर पर अधिक से अधिक लोगों की राय और सुझाव प्राप्त होंगे, जो 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के फैसले को और प्रभावी और लोकतांत्रिक बना सकते हैं.

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