भारत के कई हिस्सों में गर्मी का एहसास होने लगा है. दिल्ली में भी पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है. आज भी तापमान 28°C तक पहुंचने की संभावना जताई गई है. वहीं, पश्चिमी तट के कई इलाकों में भी गर्मी बढ़ रही है. मुंबई, रत्नागिरी और गोवा जैसे कई इलाके इसी में आते हैं. मौसम पूर्वानुमान ऐजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, यहां दिन का अधिकतम तापमान मध्य से ऊपरी 30 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है.
मुंबई ने भी पिछले हफ्ते ही 35°C का तापमान रिकॉर्ड किया. जो फरवरी के लिहाज से काफी जल्दी माना जा रहा है. वहीं, पूर्वी तट पर तापमान अभी भी कम रहा है. प्रायद्वीपीय भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों के बीच तापमान का ये अंतर प्री-मानसून सीजन के शुरुआती संकेतों में से एक माना जा रहा है.
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गर्मी का असर शुरू
पश्चिमी तट पर गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है. कोच्चि से लेकर रत्नागिरी तक के कई इलाकों में दिन का तापमान बार-बार 36 डिग्री से ऊपर जा रहा है. खासकर तटीय कर्नाटक में हालात और गर्म हो गए हैं. कारवार में 38°C और होनावर में 37°C तक पारा पहुंच चुका है.
दूसरी तरफ पूर्वी तट तूतीकोरिन, पुडुचेरी, चेन्नई से लेकर विशाखापट्टनम तक अधिकतम तापमान 30 से 31°C के आसपास ही टिका हुआ है. मध्य प्रदेश, उत्तर महाराष्ट्र और आसपास के इलाकों पर बना एंटी-साइक्लोन इस अंतर की वजह बताया जा रहा है. यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी से पूर्वी तट पर उत्तर-पूर्वी हवाएं भेज रहा है.
जल्द होगा प्री-मानसून सक्रिय
सामान्य रूप से प्री-मानसून शुरू होने पर पूर्वी और पश्चिमी तट के तापमान में अंतर काफी कम हो जाता है. लेकिन अभी प्रायद्वीपीय भारत पर उत्तर-दक्षिण ट्रफ मौजूद नहीं है, जो प्री-मानसून की पहचान है. इसके अलावा ऑफ-शोर ट्रफ अभी नहीं बना है.
पश्चिमी घाट के पास कोई छोटे भंवर अभी नहीं दिख रहे हैं. आने वाले दिनों में प्रायद्वीप के मध्य और अंदरूनी हिस्सों में हीट लो बनने की संभावना जताई जा रही है. स्काईमेट वेदर के अनुसार इसके बाद उत्तर-दक्षिण मौसमी ट्रफ विकसित होगा और हवाओं में असंतुलन बनेगा. इससे दोनों तटों के तापमान का अंतर कम होगा और संतुलन बन जाएगा. ये संकेत दक्षिण भारत में प्री-मानसून के सक्रिय होने के बताए गए हैं.
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