'जहाजों की सुरक्षा पर ईरान से हुई बात, ज्यादा नहीं बता सकते...', होर्मुज रूट को लेकर MEA का बयान

मिडिल ईस्ट के संकट को लेकर विदेश मंत्रालय ने प्रेस वार्ता की. इस दौरान प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि जयशंकर ने ईरान के अपने समकक्ष से तीन बार बातचीत की है. जिनमें ऊर्जा से लेकर शिपिंग तक को लेकर चर्चा की गई. उन्होंने बताया कि ईरान में हज़ारों भारतीयों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा.

Advertisement
विदेश मंत्रालय ने बताया कि 9000 भारतीयों को ईरान में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा (Photo: ITG) विदेश मंत्रालय ने बताया कि 9000 भारतीयों को ईरान में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

मिडिल ईस्ट में दो सप्ताह के अधिक समय से तनाव चरम पर है. भारत सहित दुनियाभर के मुल्क इस युद्ध से प्रभावित हुए हैं. ईरान की ओर से भी लगातार इज़रायल समेत खाड़ी के मुल्कों पर हमला जारी है. होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से तेल न आने की वजह से ऊर्जा संकट का खतरा तेजी से मंडरा रहा है. भारत मौजूदा स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए. गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने प्रेस वार्ता की.

Advertisement

रणधीर जयसवाल ने बताया है कि जब से ये संकट शुरू हुआ है, तब से विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अर्घची के बीच तीन बार बातचीत हुई है. इस दौरान दोनों के बीच आखिरी बार संवाद ऊर्जा और शिपिंग से जुड़े मुद्दों पर हुई. हालांकि, जयसवाल ने बताया कि इससे आगे की जानकारी कुछ भी साझा करना जल्दबाजी होगी. 

प्रवक्ता जयसवाल ने बताया कि ईरान में क़रीब 9000 भारतीय हैं. इसमें स्टूडेंट्स, बिजनेसमैन, नाविक और तीर्थयात्री शामिल हैं. भारतीय सरकार ने 24 फरवरी को एडवाइजरी जारी की थी जिसके बाद कई भारतीय पहले ही वापस लौट चुके हैं. जो बचे हैं उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है.

अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमला शुरू करने के बाद से भारत ने ख़ास तौर पर स्टूडेंट्स सहित कई भारतीयों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया है. दूतावास लगातार भारतीय कम्युनिटी के संपर्क में है और जो ईरान से जो भारत वापस आना चाहते हैं, उनके वापसी की व्यवस्था की जा रही है.

Advertisement

विदेश सचिव ने 5 मार्च को ही ईरानी दूतावास में लिखी शोक टिप्पणी - MEA

प्रवक्ता जयसवाल ने बताया कि 5 मार्च को ही विदेश सचिव ईरान के दूतावास में जाकर संवेदना पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर भारत सरकार की ओर से श्रद्धांजलि व्यक्त की थी. उन्होंने कहा कि यह वही दिन था जब दूतावास में शोक पुस्तिका पहली बार खोली गई थी. विदेश सचिव ने भारत सरकार की ओर से वहां श्रद्धांजलि संदेश दर्ज किया.

यह भी पढ़ें: तेहरान में आसमान से बरस रहा 'तेजाब'... मिसाइल-ड्रोन अटैक के बीच ईरान में हालात भयावह

विदेश मंत्रालय बोला - ईरानी जहाजों के डॉकिंग अनुरोध को भारत ने मंजूरी दी

विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान ने 20 फरवरी को तीन जहाजों को भारतीय पोर्ट पर डॉकिंग की अनुमति मांगी थी. भारत ने 1 मार्च को इसकी मंजूरी दी. इनमें से एक जहाज IRIS Lavan 4 मार्च को कोच्चि पहुंचा और उसका क्रू फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में है.

होर्मुज रूट को लेकर क्या बोला MEA?

एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि ईरान की ओर से होर्मुज रूट से भारतीय जहाजों को पास देने की रिपोर्ट की खबरों पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. हालांकि, दोनों मुल्कों के बीच समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बातचीत हुई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »