ISI से सीधी बातचीत, स्पेशल वीजा और VIP ट्रीटमेंट... ज्योति मल्होत्रा से हिसार पुलिस को मिले 12TB 'डिजिटल सबूत'

ज्योति मल्होत्रा पर पाकिस्तान की जांच एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के गंभीर आरोप लगे हैं. हिसार की अदालत ने उन्हें 14 दिन न्यायिक हिरासत में भेजा है. पुलिस ने उनके डिजिटल डिवाइस और खातों से 12 टेराबाइट्स से अधिक डिजिटल फॉरेंसिक डेटा बरामद किया है, जिसमें पाकिस्तानी कनेक्शन और ‘नैरेटिव पुश’ अभियान के महत्वपूर्ण सबूत शामिल हैं.

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श्रेया चटर्जी

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2025,
  • अपडेटेड 9:05 PM IST

भारत की यूट्यूबर, पाकिस्तान के जांच एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में ज्योति मल्होत्रा को हिसार की एक अदालत ने 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. हिसार पुलिस ने ज्योति के डिवाइस और डिजिटल अकाउंट्स से 12 टेराबाइट्स का डिजिटल फॉरेंसिक डाटा बरामद कर कई खुलासे किए हैं. 

यह डिजिटल डाटा ज्योति के पाकिस्तान से जुड़े कनेक्शन और एक 'नैरेटिव पुश' अभियान को उजागर करता है. 

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12 टेराबाइट्स का डाटा में चैट रिकॉर्ड्स, कॉल लॉग्स, वीडियो फुटेज, वित्तीय लेनदेन और अन्य जानकारियां हैं, जो आगे की जांच में और मददगार साबित होने जा रहा है. 

राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में ऐसे डिजिटल फॉरेंसिक डाटा बेहद अहम मानी जाती है. इसकी मदद से जांच एजेंसियां पूरे टाइमलाइन को समझती है, नेटवर्क का पता लगाती है और छिपे हुए लिंक को उजागर करती है. 

ज्योति मल्होत्रा के मामले में सावधानीपूर्वक 'नैरेटिव पुश' किया गया, जो कि भारत की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर के खतरे को उजागर करता है. 

क्या होता है नैरेटिव पुश?

नैरेटिव पुश एक तरह की स्ट्रैटेजी होती है जिसमें मीडिया, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लोगों की ओपिनियन को आकार देती है. इसके तहत किसी खास एजेंडा को जनता के बीच फैलाया जाता है. पाक की ISI एजेंसी इसका इस्तेमाल कर भारत में फूट डालने, गलत सूचनाएं फैलाने और लोकतांत्रिक संस्थानों की छवि बिगाड़ने की कोशिश करती हैं. 

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ISI से जुड़े चार PIOs से माल्होत्रा के सीधे संपर्क

सूत्रों के अनुसार, ज्योति ISI से जुड़े चार पाकिस्तानी मूल के लोगों से सीधे संपर्क में थी. ये सभी पाक के लोगों से वन-टू-वन की गई. ताकि किसी भी तरह का डिजिटल ट्रेस न छोड़ा जा जाए. 

यह भी पढ़ें: Jyoti Malhotra News: ज्योति मल्होत्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, PAK के लिए जासूसी करने का है आरोप

पाकिस्तान की ओर से वीआईपी ट्रीटमेंट और स्पेशल वीजा

पाकिस्तान की ओर से ज्योति को वीआईपी ट्रीटमेंट दी गई थी. पाकिस्तान ने उसे विशेष वीजा और सुरक्षा कवर दिया. ऐसी सुरक्षा जो विदेशी पत्रकारों को भी वहां आमतौर पर नहीं मिलती. यह दर्शाता है कि पाक उन्हें एक 'एसेट्स' के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था. 

पाकिस्तान दौरे के बाद सोशल मीडिया पर अचानक बढ़ी लोकप्रियता

ज्योति के पाकिस्तान दौरे के बाद अचानक से उनकी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता बढ़ गई. जांचकर्ताओं का मानना है कि यह ऑर्गेनिक तौर पर नहीं हुआ, यह सुनियोजित था. जिसमें पाक के नैरेटिव को इनडायरेक्टली बढ़ावा दिया गया.

डिजिटल सबूत पर्याप्त – केस में हो सकती है सजा

पुलिस का कहना है कि जो भी डिजिटल साक्ष्य मिले हैं वह ज्योति को कानून के तहत सजा दिलाने के लिए काफी हैं. ज्योति की गतिविधियां एक आम पत्रकारिता की सीमा से कहीं आगे दिख रही हैं. ज्योति की गतिविधियां राष्ट्र विरोधी चीजों में लिप्त दिख रही है. 

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वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क की भी जांच जारी

पुलिस को जो डाटा मिला है उसमें वित्तीय लेनदेन की भी जानकारियां है. अब यह पता लगाया जाएगा कि ज्योति को कहां से फंडिंग मिली और इसका उद्देश्य क्या था.

यह भी पढ़ें: ज्योति के मोबाइल से डिलीट डाटा हुआ रिकवर, पुलिस को मिले कई अहम सबूत

पहले दौरे से ही निगरानी में थीं ज्योति

जांच एजेंसी ने यह पुष्टि की है कि ज्योति के पाक के पहले दौरे से ही उनपर निगरानी रखी जा रही थी. उनका किसी प्रतिबंधित नेटवर्क या संस्थान से कनेक्शन है या नहीं इसकी जांच की जा रही है.
 

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