मंगलुरु ऑटो रिक्शा ब्लास्ट की जांच अब NIA के हाथ, आरोपी शारिक से फिर होगी पूछताछ

मंगलुरु ऑटो रिक्शा ब्लास्ट मामले की जांच अब NIA कर रहा है. एनआईए ने संबंधित अदालत में अर्जी दाखिल कर गिरफ्तार शख्स शारिक के पूछताछ की इजाजत मांगी है. इस मामले में 22 नवंबर को गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया था और 23 नवंबर को एनआईए द्वारा मामला दर्ज किया गया था.

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मंगलुरु ऑटो रिक्शा ब्लास्ट का आरोपी शारिक मंगलुरु ऑटो रिक्शा ब्लास्ट का आरोपी शारिक

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • मंगलुरु,
  • 01 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 6:18 PM IST

मंगलुरु ऑटो रिक्शा ब्लास्ट मामले की जांच अब NIA के हाथ में है. इस मामले की जड़ तक जाने के लिए NIA ने जांच शुरू भी कर दी है. जांच शुरू करते ही एनआईए ने संबंधित अदालत में अर्जी दाखिल कर गिरफ्तार शख्स शारिक के पूछताछ की इजाजत मांगी है. इस मामले में 22 नवंबर को गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया था और 23 नवंबर को एनआईए द्वारा मामला दर्ज किया गया था.

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क्या है मंगलुरु ब्लास्ट?

मंगलुरु शहर में ऑटो रिक्शा में 19 नवंबर की शाम करीब 5 बजे ब्लास्ट हुआ था. बताया गया कि एक इलाके में मकान का निर्माण कार्य चल रहा था. उसी मकान के पास आकर एक ऑटो रिक्शा रुका. उसके कुछ ही देर बाद तेज विस्फोट हो गया, जिसकी वजह से अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस घटना में ऑटो रिक्शा ड्राइवर और यात्री घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था. पहले पुलिस ने बताया था कि यात्री के बैग में आग लगने की वजह से विस्फोट हुआ. मौके पर पहुंची एफएसएल और स्पेशल टीम ने साक्ष्य जुटाए थे.

जांच में हुआ ये खुलासा

अब तक हुई जांच में यह भी सामने आया था कि ब्लास्ट में आरोपी फर्जी आईडी से तमिलनाडु के मदुरै में रुका था. आरोपी शारिक के फोन से मिली जानकारी के आधार पर कर्नाटक की जांच टीम ने मदुरै का दौरा किया, जिसमें कथित तौर पर शारिक को कई दिनों तक शहर में रहने का पता चला था.

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लंबे समय से ISIS के संपर्क में था शारिक

इस ब्लास्ट केस की जांच कर रही पुलिस ने दावा किया था कि इस घटना का मुख्य आरोपी मोहम्मद शारिक आईएसआईएस (ISIS) से प्रभावित था. शुरुआती जांच में पता चला कि शारिक लंबे समय से आईएसआईएस के संपर्क में था.

हादसे में बुरी तरह जख्मी था शारिक

पुलिस ने उस वक्त जानकारी दी थी कि ब्लास्ट में शारिक 45 फीसदी झुलस गया था. अस्पताल में उसका इलाज चला. उसकी हालत में कई दिनों तक सुधार नहीं देखा गया और वह अपनी एक आंख नहीं खोल पा रहा था जबकि उसकी दूसरी आंख की रोशनी चली गई है.

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