देश के कई हिस्सों में गर्मी ने कहर ढा रखा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली में 45 डिग्री और नागपुर में 46 डिग्री सेल्सियस तक तापमान दर्ज किया गया है. वहीं, कुछ इलाकों में पारा 48 डिग्री के करीब पहुंच गया. IMD ने अगले चार से पांच दिनों तक पूर्वी राजस्थान, मध्य भारत के कुछ हिस्सों, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है.
देश की राजधानी दिल्ली तपती धूप और भीषण गर्मी से बेहाल है तो वहीं नागपुर 46 डिग्री सेल्सियस पर सुलग रहा है, जबकि राजस्थान के कुछ इलाकों में तापमान 48°C के करीब पहुंच चुका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की हीट मैप और पूर्वानुमान रिपोर्ट से साफ संकेत मिल रहे हैं कि उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में हैं. अगले चार से पांच दिनों तक हीटवेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है.
IMD के ग्रिड डेटा के अनुसार, आज 18 मई को दिल्ली में अधिकतम तापमान 45°C दर्ज किया गया, जबकि नागपुर में 46°C तक पहुंच गया. राजस्थान के पूर्वी हिस्सों और आसपास के मध्य भारतीय क्षेत्रों में 48°C के आसपास के तापमान वाले अलग-अलग पॉकेट्स देखे गए. शुष्क हवाएं और तेज धूप ने जीना बेहाल कर दिया है.
भीषण गर्मी को लेकर कहां-कहां IMD का अलर्ट?
मौसम विभाग (IMD) ने अगले चार से पांच दिनों (18 से 22 मई तक) के लिए हीटवेव से लेकर सीवियर हीटवेव की चेतावनी जारी की है. प्रभावित क्षेत्रों में पूर्वी राजस्थान और आसपास का मध्य भारत, उत्तर प्रदेश के कई हिस्से, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ पॉकेट्स (विदर्भ सहित) शामिल हैं.
वहीं, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सीवियर हीटवेव की स्थिति बन सकती है. अधिकतम तापमान 43-46°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 25-28°C के आसपास रहकर रातों को गर्म बनाए रखेगा.
राजस्थान के पश्चिमी इलाकों में तो पहले से ही 47°C से ऊपर के तापमान दर्ज हो चुका है. IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 3-5°C की और बढ़ोतरी हो सकती है. यह मैप दिखाता है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े इलाके लाल हो चुके हैं. अगले कुछ दिनों में गर्मी और बढ़ने वाली है.
क्यों बढ़ रही है गर्मी?
IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम से आने वाली शुष्क हवाएं और आसमान में साफ मौसम गर्मी को बढ़ा रहे हैं. दिन के समय तेज हवाएं (20-30 किलोमीटर प्रति घंटा) चल रही हैं, जो धूल भी उड़ा रही हैं. रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहने से गर्मी से राहत नहीं मिल रही है.
गर्मी और लू के असर से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, थकान और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं. अस्पतालों में हीटवेव से जुड़े मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है. वहीं, कृषि और पशुधन की बात करें तो किसानों की फसलों पर सूखे का खतरा बढ़ गया है. पशुपालकों को जानवरों को पर्याप्त पानी और छाया उपलब्ध कराने की सलाह दी जा रही है.
गर्मी के कारण कई शहरों और गांवों में पेयजल संकट गहरा रहा है. दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में जल स्तर तेजी से गिर रहा है. वहीं, एयर कंडीशनर और कूलर के चलते बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे पावर ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है.
लू-गर्मी से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स
IMD और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भीषण गर्मी और हीटवेव से बचने के लिए आम जनता से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें. खूब पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे. ORS, नारियल पानी और घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करें. हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें. सिर पर कपड़ा या टोपी जरूर लगाएं.
कब दस्तक देगा मॉनसून और गर्मी से कब मिलेगी राहत?
IMD के लंबी अवधि के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत में मॉनसून की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन उत्तर और मध्य भारत को पूर्ण राहत मिलने में अभी समय लग सकता है. केरल में मॉनसून के 26 मई के आसपास पहुंचने की संभावना है, जो धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ेगा.
सना जैदी