हिमंता बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई को बताया 'पाकिस्तानी एसेट', जानें पवन खेड़ा पर क्या बोले

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया. साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर एआई के जरिए फर्जी नैरेटिव फैलाने और चुनाव प्रभावित करने की साजिश का आरोप लगाया-

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  असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा. (File Photo: PTI) असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा. (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:49 PM IST

असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी-एनडीए की प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर लगाए गए अपने आरोपों को लेकर कहा कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि अब इसकी शुरुआत हुई है. बता दें कि हिमंता ने गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कॉलबर्न पर पाकिस्तान के साथ संबंध होने के आरोप लगाए हैं.

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हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले से जुड़े सबूत और दस्तावेज भारत सरकार को सौंप दिए हैं और कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने दावा किया कि गौरव गोगोई की शादी को 10 साल हो चुके हैं, लेकिन उनकी पत्नी अब भी ब्रिटेन की नागरिक हैं. हिमंता के मुताबिक गोगोई के बेटा-बेटी भी ब्रिटिश नागरिक हैं. उन्होंने कहा कि इससे यह सवाल खड़ा होता है कि गौरव गोगोई के परिवार की भारत के प्रति निष्ठा कहां है.

हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया कि जिस दिन गौरव गोगोई वोट डालने गए, उस दिन उनके साथ न उनकी पत्नी थीं और न ही बच्चे, क्योंकि वे भारतीय नागरिक नहीं हैं. सरमा ने कहा कि आमतौर पर चुनाव के दौरान नेताओं के परिवार प्रचार में हिस्सा लेते हैं, लेकिन गोगोई के परिवार का चुनाव में कहीं कोई रोल नहीं दिखा, क्योंकि उनकी पत्नी और बेटा-बेटी भारतीय नागरिक नहीं हैं.

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गौरव गोगोई पाकिस्तानी एसेट हैं: हिमंता

पाकिस्तान से कथित संबंधों के आरोपों पर हिमंता ने कहा कि राज्य सरकार ने इस संबंध में तथ्य सामने रखे हैं. उन्होंने कहा कि अगर आरोप झूठे होते तो गौरव गोगोई अब तक उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा कर चुके होते. हिमंता ने कहा, 'मैं हर मंच से कह रहा हूं कि वह पाकिस्तानी एसेट हैं, लेकिन आज तक उन्होंने मेरे खिलाफ न मानहानि का केस किया और न ही एफआईआर दर्ज कराई. 

उन्होंने कहा, 'जब मैंने पहली बार यह मुद्दा उठाया था, तब गौरव गोगोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही थी, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ. मैं इंतजार करता रह गया.' हिमंता​ बिस्वा सरमा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि वह इस मामले को निष्कर्ष तक ले जाएंगा, हालांकि अंतिम फैसला भारत सरकार को करना है.

खेड़ा को बेल मिली, केस खत्म नहीं हुआ

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर भी हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जमानत मिलना और केस खत्म होना दो अलग बातें हैं. सरमा के मुताबिक, पवन खेड़ा को नोटिस भेजा जाएगा और उन्हें असम के थाने में आकर जवाब देना होगा कि वे फर्जी दस्तावेज उन्हें कहां से मिले, जिनके जरिए उन्होंने ​उनकी पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा पर तीन-तीन देशों का पासपोर्ट रखने और विदेशों में संपत्ति खरीदने के आरोप लगाए थे.

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असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान भी कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण को एआई की मदद से एडिट कर फर्जी नैरेटिव फैलाने की कोशिश की थी. इसी तरह असम चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने उनकी पत्नी के खिलाफ एआई से तैयार तस्वीरों और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाए. हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि चुनाव से ठीक तीन दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाए गए ताकि बीजेपी को सफाई देने का पर्याप्त समय न मिल सके.

असली साजिश कांग्रेस और राहुल की थी

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस का यह नया 'टूलकिट' है, जिसके तहत चुनाव से ठीक पहले एआई की मदद से बीजेपी और उसके नेताओं के खिलाफ सनसनीखेज आरोप लगाए जाते हैं या वीडियो जारी किए जाते हैं. हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि अगर यह कांग्रेस की सुनियोजित रणनीति न होती, तो पवन खेड़ा को पार्टी के आधिकारिक दफ्तर और मीडिया रूम से कथित फर्जी दस्तावेजों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अनुमति नहीं मिलती. उनके मुताबिक, पवन खेड़ा सिर्फ एक प्रेजेंटेटर थे, असली साजिश कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की थी.

हिमंता बिस्वा सरमा ने आशंका जताई कि भविष्य में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों के चुनावों में भी इसी तरह के हथकंडे अपनाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ उनकी पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि एफआईआर में सिर्फ पवन खेड़ा ही नहीं, बल्कि 'अन्य' लोगों का भी जिक्र है. सरमा ने कहा कि अब उनकी कोशिश यह पता लगाने की है कि पवन खेड़ा के पीछे कौन लोग हैं और क्या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र काम कर रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की जांच बेहद गंभीरता से की जा रही है.

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