मई की गर्मी में पूरा हिंदुस्तान तप रहा है. उत्तर भारत में हीटवेव और भीषण गर्मी से बुरा हाल है. हरियाणा से लेकर राजस्थान तक और दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक जैसे आसमान से अंगारे बरस रहे हैं. शहरों का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच रहा है. रात को भी ऐसा लगता है कि जैसे लू चल रही है. इन दिनों पड़ रही तेज गर्मी बच्चों के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती है.
भीषण गर्मी तेजी से हीट स्ट्रोक का रूप ले सकती है, इसलिए बच्चों का खास ध्यान रखने की जरूरत है. सरकार की ओर से बच्चों में हीट स्ट्रोक और गर्मी से होने वाली बीमारियों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक पोस्टर जारी किया गया है. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) द्वारा जारी पोस्टर में बच्चों में गर्मी से होने वाली बीमारियों के लक्षणों की जानकारी दी गई है. पोस्टर में साफ लिखा है, “Heat Can Turn Dangerous Fast” यानी गर्मी तेजी से खतरनाक बन सकती है.
हाय... गर्मी ने जला डाला, कहां तक जाएगा पारा? पूरे हफ्ते नहीं राहत
पोस्टर में तीन कैटेगरी में लक्षण बताए गए हैं, ताकि माता-पिता, टीचर और देखभाल करने वाले आसानी से समझ सकें कि बच्चे को कब सामान्य गर्मी लग रही है और कब तुरंत मदद की जरूरत है.
इन शुरुआती लक्षणों पर नजर रखें (WATCH):
यह लक्षण दिखें तो तुरंत बच्चे को ठंडा रखें और ज्यादा पानी पिलाएं.
चेतावनी वाले लक्षण (ACT NOW):
ये लक्षण दिखते ही बच्चे को ठंडी जगह पर ले जाएं, उसके कपड़े गीले करें.
इमरजेंसी लक्षण (Call 108)
ये लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए 108 पर मदद के लिए फोन करें.
गर्मी के मौसम में बच्चे जल्दी डिहाइड्रेट (पानी की कमी) हो जाते हैं. भीषण गर्मी में सलाह दी जाती है कि बच्चे को ठंडा रखें और बार-बार पानी पिलाएं. दोपहर में घर के अंदर रखें.
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