लावारिस शवों को 'बेचने' के रैकेट में शामिल थे पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष, आरजी कर अस्पताल के पूर्व अधिकारी का दावा

आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने दावा किया है कि संदीप घोष लावारिस शवों को बेचने सहित कई अवैध गतिविधियों में शामिल थे. बता दें कि संदीप घोष जांच के दायरे में हैं और सीबीआई उनसे लगातार पूछताछ कर रही है.

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 आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की बढ़ रही मुश्किलें. आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की बढ़ रही मुश्किलें.

ऋत्तिक मंडल

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 1:16 PM IST

कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में हुए रेप-मर्डर की घटना के बाद जांच के दायरे में आए पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं. सीबीआई उनसे लगातार पूछताछ कर रही है. इसी बीच संदीप घोष पर एक बड़ा आरोप लगा है. इंडिया टुडे के साथ एक खास बातचीत में आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने दावा किया है कि संदीप घोष लावारिस शवों को बेचने सहित कई अवैध गतिविधियों में शामिल थे. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि घोष बांग्लादेश में बायोमेडिकल अपशिष्ट और मेडिकल उपकरणों की तस्करी में लगे हुए थे.

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अख्तर अली 2023 तक आरजी कर अस्पताल में ही नियुक्त थे. उन्होंने कहा कि राज्य सतर्कता आयोग के समक्ष इसको लेकर शिकायत भी की गई थी. लेकिन जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.

शिकायत की तो हुआ ट्रांसफर

अख्तर अली ने दावा किया कि उन्होंने डॉ. संदीप घोष के खिलाफ राज्य स्वास्थ्य विभाग को एक जांच रिपोर्ट भी भेजी थी, लेकिन इसके बाद उनका आरजी कर अस्पताल से ट्रांसफर कर दिया गया था. उन्होंने कहा, 'जिस दिन मैंने जांच रिपोर्ट सौंपी, उसी दिन मेरा तबादला कर दिया गया. जांच समिति के अन्य दो सदस्यों का भी तबादला कर दिया गया. मैंने छात्रों को इस आदमी से बचाने के लिए जो कुछ भी कर सकता था वह किया, लेकिन मैं असफल रहा.'

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बता दें कि डॉक्टर की हत्या पर विरोध के बीच इस्तीफा देने वाले संदीप घोष को उनके इस्तीफे के कुछ घंटों के भीतर कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में नई नियुक्ति दी गई थी. हालांकि, कलकत्ता हाईकोर्ट ने इसको लेकर सरकार को फटकार लगाई थी और संदीप घोष को अनिश्चितकालीन छुट्टी पर भेज दिया था.

छात्रों को पास कराने के लिए मांगते थे रिश्वत
अली ने दावा किया कि घोष मेडिकल स्टूडेंट्स को पास कराने के लिए रिश्वत मांगते थे. उन्होंने कहा कि कॉलेज में कुछ छात्रों को जानबूझकर फेल कर दिया जाता था. ताकि वह पैसे वसूल सके.अली ने आरोप लगाया कि संदीप घोष का हर जगह कमीशन तय था. 

अब तक 64 घंटे की पूछताछ

बता दें कि संदीप घोष चौतरफा घिर गए हैं. सीबीआई की टीम ने बुधवार को लगातार छठे दिन भी डॉ. संदीप घोष से पूछताछ की. अबतक घोष से 64 घंटे तक पूछताछ की गई है. वहीं, वित्तीय अनियमितता से जुड़े नए मामले में भी डॉ. घोष की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बुधवार को उन्हें पुलिस के सामने पेश होना है और करप्शन केस में अपने बयान दर्ज कराने हैं. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में भी चीफ जस्टिस ने संदीप घोष की भूमिका पर सवाल उठाए थे.

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