राकेश टिकैत की दो टूक- संयुक्त किसान मोर्चा ही लेगा आंदोलन खत्म करने का आखिरी फैसला

संयुक्त किसान मोर्चा की मंगलवार को हुई बैठक के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि एक साल से चल रहा किसान आंदोलन जल्द ही समाप्त होने की कगार पर है. लेकिन राकेश टिकैत के बयान के बाद आंदोलन के भविष्य से धुंध छटती नजर नहीं आ रही.   

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किसान नेता राकेश टिकैत. किसान नेता राकेश टिकैत.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 9:30 PM IST
  • MSP कमेटी में कौन-कौन होगा, स्पष्ट करें: SKM
  • हम समाधान की तरफ जा रहे हैं: टिकैत

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कमेटी को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा अब केंद्र सरकार से खासा असंतुष्ट नजर आ रहा है. किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार को स्पष्ट कर देना चाहिए कि इस कमेटी में वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के अलावा कौन-कौन से किसान या संगठन शामिल हैं. टिकैत के ताजा बयान से आंदोलन की समाप्ति पर संशय बढ़ने लगा है. हालांकि, इस आंदोलन को खत्म करने के संबंध में उन्होंने कहा कि किसान मोर्चा ही आखिरी फैसला लेगा. 

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किसानों पर दर्ज केस वापस लेने के प्रस्ताव पर टिकैत ने कहा कि एक दिन में मामले में वापस नहीं हो सकते हैं. इसकी एक लंबी प्रक्रिया होती है. सरकार शब्दों में हेर-फेर करके प्रस्ताव भेज रही है. यह साफ होना चाहिए कि केस वापस लेने की समय-सीमा तय की जानी चाहिए. हालांकि, टिकैत ने नरमी दिखाते हुए कहा कि हम समाधान की तरफ बढ़ रहे हैं. मालूम हो कि संयुक्त किसान मोर्चा ने गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर भी ऐतराज जताया है, जिसमें कहा गया है कि आंदोलन समाप्ति की शर्त पर ही किसानों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे.  

इन मुद्दो पर ऐतराज नहीं 
वहीं, मुआवजे, बिजली बिल व पराली के मुद्दे को लेकर केंद्र की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर किसान नेता ने कोई ऐतराज नहीं जताया. बता दें कि मुआवजे को लेकर सरकार ने पंजाब मॉडल अपनाने का प्रस्ताव दिया है. साथ ही  बिजली के बिल पर सरकार का कहना है कि इस पर पहले सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत की जाएगी. इसके अलावा, केंद्र सरकार ने पराली को लेकर जो कानून पारित किया है, उसमें धारा 14 और 15 के तरह क्रिमिनल लाइबिलिटी से किसानों को मुक्ति दी है.   

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आंदोलन के भविष्य पर धुंध
दरअसल, संयुक्त किसान मोर्चा की मंगलवार को हुई बैठक के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि एक साल से चल रहा किसान आंदोलन जल्द ही समाप्त होने की कगार पर है, क्योंकि एसकेएम की मांगों को लेकर केंद्र सरकार ने मसौदा प्रस्ताव भेजा है. लेकिन राकेश टिकैत के बयान के बाद आंदोलन के भविष्य से धुंध छटती नजर नहीं आ रही है.   

बुधवार को फैसला संभव 
केंद्र की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव के मसौदे पर अभी पूरी तरह  सहमति नहीं बनी है. आंदोलन की वापसी पर किसान नेता कुलवंत सिंह संधू का कहना है कि इस बारे में बुधवार को निर्णय लिया जाएगा. मंगलवार को हुई बैठक में काफी विचार विमर्श के बाद कोई नतीजा नहीं निकल सका. अब सबकी नजरें संयुक्त किसान मोर्चा की बुधवार दोपहर 2 बजे होने वाली बैठक पर टिकी हैं.
 

 

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