महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की एयर क्रैश में मौत के कुछ हफ्तों बाद अब नागरिक उड्डयन नियामक DGCA ने VSR वेंचर्स के चार और चार्टर्ड विमानों को मानकों पर खरा न उतरने के चलते ग्राउंड कर दिया है. ये चारों विमान उसी लियरजेट सीरीज के हैं, जिसमें से एक 28 जनवरी को बारामती में क्रैश हुआ था.
इंडिया टुडे की विज़ुअल जांच में सामने आया है कि जिन विमानों को अब ग्राउंड किया गया है, उन पर पहले कई बड़े नेता और फिल्मी हस्तियां सफर कर चुकी हैं. इन विमानों में सफर करने वालों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार, अभिनेता से नेता बने विजय और सुपरस्टार रजनीकांत जैसे नाम शामिल हैं.USE PIC 1
DGCA ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली बेस्ड इस चार्टर कंपनी के कम से कम चार विमानों में मेंटेनेंस प्रक्रियाओं में खामियां पाई गई हैं. हादसे की जांच कर रहा एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द जारी कर सकता है, लेकिन उससे पहले ही DGCA ने VSR वेंचर्स का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश दिया था.
नियामक के मुताबिक मल्टी-डिसिप्लिनरी ऑडिट टीम को एयरवर्थिनेस, एयर सेफ्टी और फ्लाइट ऑपरेशंस से जुड़े कई मामलों में स्वीकृत प्रक्रियाओं का पालन न करने के उदाहरण मिले हैं.
ग्राउंड किया गया बेड़ा
VSR वेंचर्स के सात लियरजेट विमानों में से चार VT-VRA, VT-VRS, VT-VRV और VT-TRI को मंगलवार को ग्राउंड कर दिया गया. VT-SSK नाम का विमान 28 जनवरी को क्रैश हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और क्रू मेंबर्स की मौत हो गई थी.
कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, उसके पास कुल 12 विमान हैं इनमें सात लियरजेट, तीन बीचक्राफ्ट, एक पाइलेटस और एक Embraer शामिल है.
इंडिया टुडे ने कम से कम पांच ऐसे मौके चिन्हित किए, जब VT-TRI विमान में हाई-प्रोफाइल यात्री सवार थे. इनमें TVK प्रमुख विजय, सुपरस्टार रजनीकांत, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार शामिल रहे. VT-VRS विमान में भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई वरिष्ठ नेता सफर करते देखे गए. फिलहाल कंपनी के दो अन्य जेट VT-DBL और VT-CR सेवा में बने हुए हैं.
चमक-दमक के पीछे का सच
प्राइवेट एविएशन सेक्टर बाहर से भले ही ग्लैमरस दिखता हो, लेकिन इसके भीतर कई जटिल चुनौतियां छिपी होती हैं. विमान खरीदना, उनकी नियमित मेंटेनेंस, क्रू की लागत और सख्त नियामकीय अनुपालन ये सब मिलकर खर्च का बड़ा बोझ बनाते हैं. ऐसे में सिर्फ बेड़े का बड़ा होना मुनाफे की गारंटी नहीं देता.
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो FY24 में VSR वेंचर्स ने 295.86 करोड़ रुपये का कुल राजस्व घोषित किया, लेकिन शुद्ध मुनाफा सिर्फ 12.51 करोड़ रुपये रहा. FY25 में टर्नओवर 420 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया गया, जबकि नेटवर्थ 75.45 करोड़ रुपये आंकी गई. इस दौरान शुद्ध लाभ बढ़कर 27.67 करोड़ रुपये तक पहुंचा.
ऐसे उद्योग में जहां सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हो सकता, वहां वित्तीय विस्तार और ऑपरेशनल अनुशासन के बीच संतुलन सबसे अहम हो जाता है. DGCA की कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या तेजी से बढ़ते चार्टर सेक्टर में निगरानी और मानकों का पालन उतनी ही सख्ती से हो रहा है जितना होना चाहिए.
अंकित कुमार / बिदिशा साहा