हेमंत सोरेन के खिलाफ ED ने दायर की 5500 पन्नों की शिकायत, बढ़ सकती हैं पूर्व सीएम की मुश्किलें

ईडी के अधिकारी शनिवार को जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ पीसी (अभियोजन शिकायत) दायर करने के लिए दस्तावेजों से भरे ट्रंक के साथ रांची में पीएमएलए विशेष अदालत पहुंचे. ईडी द्वारा 31 जनवरी को गिरफ्तार किए जाने के बाद से सोरेन जेल में हैं.

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झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन (फाइल फोटो) झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)

सत्यजीत कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 31 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 6:45 AM IST

जेल में बंद JMM नेता और पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं. क्योंकि ईडी ने भूमि घोटाले में सोरेन और उनके सहयोगियों की भूमिका के लिए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके खिलाफ पीसी (अभियोजन शिकायत) दर्ज की है. अभियुक्त की गिरफ्तारी के 60 दिन के निर्धारित समय के अंदर पीसी कोर्ट में दायर कर दी गई है. पीसी अदालत को उन तथ्यों और सबूतों के बारे में बताएगी जिनके कारण ईडी भूमि घोटाले में पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर सका है. 

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ईडी के अधिकारी शनिवार को जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ पीसी (अभियोजन शिकायत) दायर करने के लिए दस्तावेजों से भरे ट्रंक के साथ रांची में पीएमएलए विशेष अदालत पहुंचे. ईडी द्वारा 31 जनवरी को गिरफ्तार किए जाने के बाद से सोरेन जेल में हैं. अदालत को सौंपी गई पीसी में आरोप शामिल हैं. भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोरेन और अन्य के खिलाफ विवरण 5500 पृष्ठों में है. ईडी ने 8.5 एकड़ जमीन भी जब्त की है. ईडी ने कोर्ट के सामने कहा है कि जांच अभी भी जारी है.

विशेष पीएमएलए अदालत द्वारा (चार्जशीट) पीसी पर संज्ञान लेने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई शुरू होने की संभावना है. ईडी ने सात घंटे से अधिक समय तक पूछताछ करने के बाद भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 31 जनवरी को हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी से पहले उन्हें पद छोड़ना पड़ा और अपना इस्तीफा देना पड़ा था. सोरेन पांच अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में हैं.

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बता दें कि, झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख और सूबे के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की ओर से दायर एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) पर सुप्रीम कोर्ट 1 अप्रैल को सुनवाई करेगा. हेमंत सोरेन ने विधानसभा के बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति देने के लिए पीएमएलए और उच्च न्यायालय द्वारा उनकी याचिका खारिज करने के खिलाफ एसएलपी दायर की थी.

सामने आया कि एक स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने हाल ही में हेमंत सोरेन की न्यायिक हिरासत 4 अप्रैल तक बढ़ा दी थी. अधिकारियों ने बताया कि सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष पेश हुए थे. इससे पहले 15 फरवरी को पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 22 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद 31 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, इसके बाद से उन्हें रांची के होटवार में बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में रखा गया है.

 

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