क्या है दोहरी नागरिकता से जुड़ा वो केस, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ FIR के आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता मामले में FIR दर्ज करने और केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने के आदेश दिए हैं, जिससे मामला नए कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है.

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दोहरी नागरिकता केस में राहुल गांधी पर FIR दर्ज करने का आदेश अदालत ने दिया है (Photo: PTI) दोहरी नागरिकता केस में राहुल गांधी पर FIR दर्ज करने का आदेश अदालत ने दिया है (Photo: PTI)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ, उत्तर प्रदेश,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:47 PM IST

Rahul Gandhi Dual Citizenship Case Timeline: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दोहरी नागरिकता के मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले में केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाने का भी आदेश दिया है. आखिर क्या है यह दोहरी नागरिकता का मामला, जिस पर सुनवाई करते हुए राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है.

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कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी पर भारतीय नागरिक रहते हुए ब्रिटेन की नागरिकता लेने और लोकसभा चुनाव लड़कर सांसद बनने को लेकर यह याचिका दायर की गई थी. कर्नाटक के रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर लगातार राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने की लड़ाई लड़ रहे हैं.

विग्नेश शिशिर ने 26 जुलाई 2025 को एसपी रायबरेली को पत्र लिखकर राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता रखने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया. 19 अगस्त 2025 को दी गई अर्जी पर जांच अधिकारी ने उन्हें बुलाया और विग्नेश ने राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता से जुड़े तमाम सबूत जांच अधिकारी को सौंपे. पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से मना किया तो रायबरेली की एमपी-एमएलए कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई.

इस बीच 3 नवंबर, 5 दिसंबर और 12 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता विग्नेश शिशिर पर राहुल गांधी के समर्थकों द्वारा हमला करने की कोशिश और कोर्ट में हंगामा होने का भी आरोप है.

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15 दिसंबर 2025 को इस मामले की सुनवाई रायबरेली से लखनऊ ट्रांसफर करने की याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई. 17 दिसंबर 2025 को जस्टिस ब्रजराज सिंह की सिंगल बेंच ने केस को लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया.

6 जनवरी 2026 को लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट (एसीजेएम-3) में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई. 7 और 8 जनवरी को लगातार सुनवाई के दौरान याची की ओर से दोहरी नागरिकता से जुड़े सबूत पेश किए गए.

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28 जनवरी 2026 को लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अर्जी खारिज कर दी. इसके खिलाफ विग्नेश शिशिर ने 18 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जस्टिस राजीव सिंह की एकल पीठ में याचिका दाखिल की.

28 फरवरी 2026 को पहली सुनवाई में उत्तर प्रदेश सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा. 9 मार्च 2026 को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और यूपी सरकार ने अपना पक्ष रखा. इसके बाद हाईकोर्ट ने 19 मार्च को राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़ी पूरी फाइल गृह मंत्रालय से तलब की.

19 मार्च को सुनवाई जज के चेंबर में हुई, क्योंकि फाइल को गोपनीय बताया गया. 26 मार्च 2026 को कोर्ट ने गृह मंत्रालय से एफिडेविट दाखिल करने को कहा. 6 अप्रैल 2026 को लंबी बहस के बाद एफिडेविट रिकॉर्ड पर लिया गया.

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16 अप्रैल 2026 को सुनवाई पूरी हुई और 17 अप्रैल 2026 को फैसले की तारीख तय की गई. 17 अप्रैल को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया और जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने को कहा.

क्या है दोहरी नागरिकता का मामला?

इस मामले की शिकायत बेंगलुरु के बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने की है. उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने 21 अगस्त 2003 को लंदन में Backops Limited नाम की कंपनी बनाई थी, जिसका पता 2 फ्रॉन्गल वे, लंदन (ब्रिटेन) बताया गया है, और वह इसके डायरेक्टर थे.

शिकायत के अनुसार, राहुल गांधी ने 1994 में ब्रिटिश नागरिकता ली थी और दोहरी नागरिकता रखते हुए 2004 और 2009 में सांसद बने. यह भी दावा किया गया कि 2019 में गृह मंत्रालय के नोटिस के बाद कंपनी बंद कर दी गई.

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बताया गया कि राहुल गांधी का नाम 'Raul Vinci' के रूप में कुछ दस्तावेजों में दर्ज है, जिसकी जन्मतिथि 19 जून 1970 बताई गई है. याची का दावा है कि यह नाम राहुल गांधी से जुड़ा है और इसके समर्थन में बैंक दस्तावेज, यात्रा रिकॉर्ड और अन्य कागजात कोर्ट में पेश किए गए.

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अब माना जा रहा है कि हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी रायबरेली पुलिस को भेजी जाएगी, जिसके बाद संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की जाएगी.

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