पूर्वी लद्दाख के पास चीन की 'आसमानी आंख' का डेरा, माकूल जवाब देने को तैयार भारत

पूर्वी लद्दाख के विवादित क्षेत्र में चीनी ड्रोन की गतिविधियां लगातार जारी हैं और भारत पड़ोसी देश की हरकत पर निरंतर नजर बनाए हुए है.

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भारतीय सीमा के करीब उड़ रहे चीनी ड्रोन (सांकेतिक-रॉयटर्स) भारतीय सीमा के करीब उड़ रहे चीनी ड्रोन (सांकेतिक-रॉयटर्स)

मंजीत नेगी

  • लद्दाख,
  • 26 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 10:19 PM IST
  • विवादित इलाकों के पास 2012-13 से गतिविधियां बढ़ा रहा चीन
  • पूर्वी लद्दाख सेक्टर के करीब चीन के कई UAVs चक्कर काट रहे
  • हम इन ड्रोन गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहेः सरकारी सूत्र

पूर्वी लद्दाख सेक्टर में तैनात भारतीय सुरक्षा बल विवादित क्षेत्र में चीनी मानव रहित हवाई वाहनों (unmanned aerial vehicles) की गतिविधियों पर लगातार और कड़ी नजर रख रहे हैं, जहां उनकी नियमित रूप से भारतीय क्षेत्रों के करीब संचालन की निगरानी की जा रही है. चीनी ड्रोन गतिविधि की निगरानी दौलत बेग ओल्डी सेक्टर के साथ-साथ हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा हाइट्स क्षेत्रों के विवादित इलाकों के पास की गई है, जहां 2012-13 से ही चीन अपनी गतिविधियों को बढ़ा रहा है.

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शीर्ष सरकारी सूत्रों ने आजतक से कहा, 'हम इन ड्रोन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए अपने एसेस्ट्स का उपयोग कर रहे हैं. लद्दाख का साफ आसमान और ऊंचे पहाड़ जहां हमारे कर्मी तैनात हैं, हमें इन छोटी उड़ने वाली मशीनों पर कड़ी नजर रखने की सहूलियत मिलती है.' भारत और चीन के बीच पिछले साल से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. हालांकि लंबी बातचीत के बाद वे 3 क्षेत्रों से पीछे हट गए हैं.

चीन भी अपने सैनिकों को लंबे समय तक टिकाए रखने के मकसद से बड़े पैमाने पर निर्माण गतिविधियों में लगा हुआ है. लगभग सभी सैन्य शिविरों में अपने सैनिकों को रखने के लिए कंक्रीट के ढांचे तक बनाए जा रहे हैं.

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चीनी सैनिकों को इन स्थानों में अत्यधिक सर्दियों के साथ कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन ये ठोस संरचनाएं चीन को भारतीय क्षेत्र के करीब अपने सैनिकों को तैनात करने और जरूरत पड़ने पर तेजी से भाग लेने का अवसर देंगी.

भारत और चीन के सैनिकों के बीच सिक्किम के नाकू ला इलाके और लद्दाख के पूर्वी सेक्टर के कई इलाकों में पैंगोंग त्सो के साथ विवाद शुरू हुआ था. लद्दाख में भारत-चीन सीमा क्षेत्रों पर ऊंचाई वाले इलाकों में चीनी सेना को अत्यधिक सर्दी का सामना करना पड़ा, हालांकि, वे पीछे नहीं हटे.

चीन बॉर्डर के करीब पहुंचे राज्यपाल

इस बीच आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर राज्यपाल ने राइफलमैन जसवंत सिंह रावत, एमवीसी को श्रद्धांजलि दी है. अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (डॉ.) बी.डी. मिश्रा (रिटायर) ने आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान आज रविवार को जसवंत गढ़ वॉर मेमोरियल पर माल्यार्पण किया और 1962 के युद्ध के नायक राइफलमैन जसवंत सिंह रावत, महावीर चक्र (मरणोपरांत) को श्रद्धांजलि दी. साथ ही उन्होंने भारत-चीन युद्ध के युद्ध नायकों के प्रति सम्मान जताया.

मातृभूमि की क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए राज्यपाल मिश्रा ने कहा कि वे बहादुर योद्धा हम सभी भारत के हर नागरिक के लिए प्रेरणा थे, हैं और रहेंगे भी. राज्यपाल ने इस अवसर पर लोगों से भारत माता के वीर सपूतों को श्रद्धा के साथ याद करने की अपील भी की, जिन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. उन्होंने कहा, 'इन वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि, जिन्होंने "हमारे कल के लिए अपना आज दे दिया" आजादी का अमृत महोत्सव के विशेष अवसर को मनाने का सबसे अच्छा तरीका होगा.' (इनपुट-युवराज)

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