7500 KG तक के वजन वाली गाड़ी चला सकते हैं LMV लाइसेंस धारक? कल फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट

सीजेआई की अगुवाई वाली संविधान पीठ ने 21 अगस्त को सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रखा था. पीठ तय करेगी कि क्या हल्के मोटर वाहन (LMV) के लिए ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाला व्यक्ति 7,500 किलोग्राम से कम वजन वाले परिवहन वाहन को चलाने का भी अधिकार है? सुप्रीम कोर्ट बुधवार सुबह 10.30 बजे सुनाएगा अपना फैसला. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच सुनाएगी फैसला.

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LMV लाइसेंस धारकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में फैसला बुधवार को आएगा LMV लाइसेंस धारकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में फैसला बुधवार को आएगा

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:14 PM IST

सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ लाइट मोटर व्हीकल यानी LMV लाइसेंस धारकों के व्यावसायिक वाहन चलाने के अधिकार से जुड़े मामले पर बुधवार को अहम फैसला सुनाएगी. इस पीठ में शामिल सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस हृषिकेश रॉय, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जस्टिस पंकज मित्थल और जस्टिस मनोज मिश्रा कानूनी सवाल पर अपना फैसला सुनाएंगे कि क्या लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) लाइसेंस धारक चालक 7,500 किलोग्राम तक के वजन वाले परिवहन वाहन चलाने का अधिकार है या नहीं है. 

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इस मुद्दे पर सीजेआई की अगुवाई वाली संविधान पीठ ने 21 अगस्त को सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रखा था. पीठ तय करेगी कि क्या हल्के मोटर वाहन  (LMV) के लिए ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाला व्यक्ति 7,500 किलोग्राम से कम वजन वाले परिवहन वाहन को चलाने का भी अधिकार है? सुप्रीम कोर्ट बुधवार सुबह 10.30 बजे सुनाएगा अपना फैसला. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच सुनाएगी फैसला.

दरअसल, इस कानूनी सवाल ने एलएमवी लाइसेंसधारकों के परिवहन वाहनों से संबंधित दुर्घटना मामलों में बीमा कंपनियों की ओर से दावों के भुगतान को लेकर विभिन्न विवाद हुए थे. बीमा कंपनियों का आरोप है कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण और अदालतें हल्के मोटर वाहन ड्राइविंग लाइसेंस के संबंध में उनकी आपत्तियों की अनदेखी करते हुए उनसे बीमा दावों का भुगतान कराने के लिए आदेश पारित कर रही हैं. बीमा कंपनियों ने कहा है कि बीमा दावा विवादों का फैसला करते समय अदालतें बीमाधारकों के पक्ष में रुख अपना रही हैं.

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कोर्ट के समक्ष विचाराधीन कानूनी प्रश्न है, 'क्या एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंसधारक उस लाइसेंस के आधार पर हल्के मोटर वाहन वर्ग के उस परिवहन वाहन को चलाने का हकदार हो सकता है जिसका भार 7,500 किलोग्राम से अधिक न हो. इस प्रश्न को सुप्रीम कोर्ट पूर्व जज जस्टिस यू. यू. ललित की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने आठ मार्च, 2022 को बड़ी बेंच को भेजा था. यह प्रश्न मुकुंद देवांगन बनाम ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2017 के फैसले से उत्पन्न हुआ था.

मुकुंद देवांगन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि ऐसे परिवहन वाहन जिसका कुल भार 7,500 किलोग्राम से अधिक नहीं है, एलएमवी की परिभाषा से बाहर नहीं हैं. इस निर्णय को केंद्र ने स्वीकार कर लिया और नियमों को फैसले के अनुरूप संशोधित किया गया पिछले साल 18 जुलाई को संविधान पीठ ने इस कानूनी सवाल से निपटने के लिए कुल 76 याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की थी. मुख्य याचिका मेसर्स बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से दायर की गई थी.

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